सोशल मीडिया आज दुनिया के करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने के बाद मोबाइल पर इंस्टाग्राम चेक करना हो या फेसबुक के जरिए दोस्तों और परिवार की गतिविधियों पर नजर रखना, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। लेकिन अब अमेरिका में इन्हीं प्लेटफॉर्म्स को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ती दिखाई दे रही है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी मेटा को लेकर अमेरिका में लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। एक नए Reuters/Ipsos सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार की निगरानी और सख्त होनी चाहिए। सर्वे में 61 फीसदी लोगों ने सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकारी नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने के पक्ष में अपनी राय जाहिर की।
सोशल मीडिया को लेकर सबसे बड़ी चिंता बच्चों और किशोरों को लेकर सामने आ रही है। सर्वे में 66 फीसदी अमेरिकियों ने कहा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कंपनियों के लिए उम्र की पुष्टि यानी Age Verification जरूरी की जानी चाहिए। इसका मतलब यह है कि प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करने के लिए ज्यादा सख्त व्यवस्था अपनानी पड़ सकती है कि कम उम्र के बच्चे आसानी से सोशल मीडिया अकाउंट न बना सकें।
अमेरिका में सोशल मीडिया की लत को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। अभिभावकों और विशेषज्ञों की चिंता है कि लगातार सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से बच्चों और किशोरों के व्यवहार, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति पर सोशल मीडिया के प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं और इसके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक शोध लगातार जारी है।
सर्वे के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अब अमेरिकी नागरिक सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन या संपर्क का माध्यम नहीं मान रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि इन प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी तय हो और खासकर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कंपनियों को ज्यादा प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
Meta के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फेसबुक और इंस्टाग्राम उसके सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में शामिल हैं। अगर सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए उम्र सत्यापन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों को ज्यादा सख्त करती है, तो कंपनियों को अपनी नीतियों और तकनीकी व्यवस्था में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
Age Verification को लेकर भी कई सवाल हैं। कंपनियों को यह पता लगाने के लिए कि कोई यूजर 16 साल से कम उम्र का है या नहीं, अलग-अलग तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। लेकिन इसके साथ यूजर्स की निजी जानकारी और डेटा की सुरक्षा का सवाल भी जुड़ा हुआ है। यानी बच्चों को सोशल मीडिया की लत से बचाने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे।
अमेरिका में सोशल मीडिया को लेकर बढ़ती नाराजगी का असर आने वाले समय में सरकार और टेक कंपनियों के बीच संबंधों पर भी पड़ सकता है। यदि बड़ी संख्या में लोग सख्त नियमों का समर्थन करते हैं, तो राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को ज्यादा महत्व मिल सकता है।
फिलहाल सर्वे के आंकड़े सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संकेत जरूर दे रहे हैं। अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को ज्यादा गंभीरता से लिया जाए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी निगरानी बढ़ाई जाए। अब देखने वाली बात होगी कि Meta और दूसरी टेक कंपनियां इन बढ़ती चिंताओं के बीच क्या कदम उठाती हैं और अमेरिका में सोशल मीडिया को लेकर भविष्य की नीति किस दिशा में जाती है।


