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Mohammed Shami का बड़ा खुलासा: Yuvraj Singh के सामने कांपने लगी थी आवाज, पहली बार Dressing Room में नहीं निकल रहा था एक शब्द

भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर युवा खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन जब पहली बार उस ड्रेसिंग रूम में पहुंचना हो जहां बचपन से पसंद किए जाने वाले बड़े-बड़े खिलाड़ी मौजूद हों, तो उत्साह के साथ घबराहट भी होना स्वाभाविक है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम में पहली बार पहुंचने पर वह इतने नर्वस हो गए थे कि टीम के सामने अपना परिचय देने के अलावा कुछ भी नहीं बोल पाए थे।

शमी ने बताया कि भारतीय टीम में पहली बार शामिल होने से पहले उन्हें अंदाजा नहीं था कि ड्रेसिंग रूम का माहौल कैसा होगा। एक मैच से पहले टीम की बैठक चल रही थी और जब वह कमरे के अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद खिलाड़ियों को देखकर वह हैरान रह गए। उनके मुताबिक, ऐसा लग रहा था जैसे बचपन में जिन खिलाड़ियों को टीवी पर देखकर वह बड़े हुए थे, उनमें से कई उनके सामने बैठे हों। इसी वजह से वह चुपचाप जाकर एक जगह बैठ गए और किसी से ज्यादा बातचीत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

इसी दौरान पूर्व भारतीय स्टार युवराज सिंह ने शमी की झिझक को भांप लिया। युवराज ने उनसे कुर्सी पर खड़े होकर टीम के सामने अपने बारे में कुछ बोलने के लिए कहा। लेकिन शमी के लिए वह पल आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि बड़े खिलाड़ियों को सामने देखकर उनके दिमाग में कुछ भी नहीं आ रहा था और उनकी घबराहट इतनी बढ़ गई थी कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या बोलें।

आखिरकार शमी ने किसी तरह अपना नाम और अपने शहर के बारे में बताया और वहीं रुक गए। यह घटना उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर की थी, जब वह भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। जिस ड्रेसिंग रूम में उस समय वह एक नए खिलाड़ी के तौर पर बेहद संकोची नजर आ रहे थे, उसी टीम में आगे चलकर वह भारतीय तेज गेंदबाजी के सबसे भरोसेमंद नामों में शामिल हो गए।

मोहम्मद शमी ने 6 जनवरी 2013 को दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मुकाबले से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उसी साल नवंबर में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद 21 मार्च 2014 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी खेलने का मौका मिला।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद शमी ने अपनी तेज गेंदबाजी से अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबलों में 229 विकेट हासिल किए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वनडे क्रिकेट में शमी ने 108 मुकाबलों में 206 विकेट अपने नाम किए हैं और इस प्रारूप में भी वह छह बार पांच विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी शमी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 27 विकेट हासिल किए हैं। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी गति, सीम और परिस्थितियों के अनुसार गेंद को स्विंग कराने की क्षमता रही है। यही वजह है कि वह लंबे समय तक भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे।

शमी ने भारतीय ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी साझा किया। जब उनसे टीम के सबसे मजाकिया खिलाड़ी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन का नाम लिया। शमी के मुताबिक, धवन मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम के माहौल को हल्का रखने की कोशिश करते थे और उनकी यही आदत खिलाड़ियों को काफी पसंद आती थी।

शमी ने बताया कि अगर भारत कोई मुकाबला हार जाता था और ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ी चुपचाप बैठे होते थे, तो धवन अचानक जोर-जोर से हंसने लगते थे। जब उनसे पूछा जाता था कि वह क्यों हंस रहे हैं, तो वह मजाक में कहते थे कि मैच हार गए हैं, इसलिए हंसी आ रही है। उनके इस अंदाज से तनाव भरे माहौल में भी खिलाड़ियों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी।

शमी ने यह भी बताया कि कई बार पंजाबी गाने बजने पर शिखर धवन मेज पर खड़े होकर डांस करने लगते थे। उनकी ऐसी हरकतें हार के बाद ड्रेसिंग रूम के माहौल को ज्यादा गंभीर और तनावपूर्ण नहीं होने देती थीं। शमी के मुताबिक, पूरे साल क्रिकेट खेलते हुए टीम को जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है, इसलिए मुश्किल समय में माहौल को सामान्य रखना भी बेहद जरूरी होता है।

शिखर धवन ने भारत के लिए 34 टेस्ट, 167 वनडे और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। भारतीय क्रिकेट में उनका नाम एक सफल सलामी बल्लेबाज के साथ-साथ टीम के खुशमिजाज और सकारात्मक माहौल बनाने वाले खिलाड़ियों में भी लिया जाता है।

शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 9 मार्च 2025 को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। भारत ने इस मुकाबले को चार विकेट से जीतकर खिताब अपने नाम किया था। शमी के करियर की शुरुआत में जिस ड्रेसिंग रूम में वह युवराज सिंह जैसे बड़े खिलाड़ी के सामने कुछ शब्द बोलने में भी घबरा गए थे, उसी टीम में आगे चलकर वह भारत के सबसे सफल और भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे।

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