दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े करीब 5,000 विशेष अतिथि शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए इस समारोह में देश की विविधता, विकास और उपलब्धियों की झलक देखने को मिली। इस बार विशेष अतिथियों में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लेकर महिला उद्यमी, युवा नवप्रवर्तक, किसान, वैज्ञानिक, कारीगर और अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोग शामिल रहे।
लाल किले पर आयोजित समारोह में देशभर से आमंत्रित किए गए लोगों ने हिस्सा लिया। इन विशेष अतिथियों का चयन अलग-अलग सरकारी योजनाओं और सामाजिक क्षेत्रों से किया गया था। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लाभ उठाकर अपना कारोबार आगे बढ़ाने वाली महिला उद्यमियों से लेकर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक को समारोह में आमंत्रित किया गया। इसके जरिए उन लोगों को स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया, जो अपने क्षेत्र में मेहनत और उपलब्धियों के जरिए समाज में योगदान दे रहे हैं।
समारोह में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े स्वयंसेवकों को भी विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया। इसके अलावा नमस्ते, पीएम अजय और सीड जैसी योजनाओं के लाभार्थियों ने भी लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ‘माय भारत’ के स्वयंसेवकों को भी इस खास अवसर पर आमंत्रित किया गया था। इससे कार्यक्रम में युवाओं और सामाजिक भागीदारी को भी प्रमुख स्थान मिला।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के उत्कृष्ट लाभार्थियों को भी समारोह में शामिल किया गया। वहीं पीएम स्वनिधि योजना से जुड़े रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को भी लाल किले पर आमंत्रित किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम करने वाले शहरी स्वच्छता कर्मियों को भी इस राष्ट्रीय समारोह का हिस्सा बनाया गया। ये वे लोग हैं जो रोजाना शहरों की साफ-सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिल्ली से जुड़े कई कर्मचारियों और श्रमिकों को भी विशेष अतिथियों में जगह दी गई। दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारियों के साथ-साथ कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़े श्रमिक भी समारोह में मौजूद रहे। इसके अलावा दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया। इस तरह समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी दिखाई दी।
कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विविधता की भी खास झलक देखने को मिली। देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 1,500 से अधिक लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। अलग-अलग राज्यों की पोशाकों और सांस्कृतिक पहचान ने लाल किले के समारोह में भारत की विविधता को सामने रखा। एक ही स्थान पर देश के अलग-अलग हिस्सों की परंपराओं और संस्कृति का प्रदर्शन देखने को मिला।
इस स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा विशेष कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहा। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय गीत का विशेष गायन किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़े इस गीत को विशेष महत्व दिया गया।
लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी का उद्देश्य देश के विकास में योगदान देने वाले अलग-अलग वर्गों को राष्ट्रीय पर्व के केंद्र में लाना भी रहा। महिला उद्यमियों, किसानों, श्रमिकों, स्वास्थ्यकर्मियों, नवप्रवर्तकों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को एक साथ आमंत्रित कर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि देश की प्रगति में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस आयोजन में जहां देश की आजादी और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया गया, वहीं आधुनिक भारत की उपलब्धियों और आम नागरिकों की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई। करीब 5,000 विशेष अतिथियों की मौजूदगी ने लाल किले के समारोह को और खास बना दिया। अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने इस राष्ट्रीय पर्व को करीब से देखा और ऐतिहासिक लाल किले से देश की स्वतंत्रता दिवस परंपरा का हिस्सा बने।


