भारत में 17 साल बाद विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है और इस बार घरेलू दर्शकों के सामने पीवी सिंधू इतिहास रचने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू अब तक विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीत चुकी हैं और उनकी नजर रिकॉर्ड छठे पदक पर है। अगर वह सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहती हैं तो कम से कम कांस्य पदक पक्का हो जाएगा और वह विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन सकती हैं।
पीवी सिंधू विश्व चैंपियनशिप में अब तक एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं। इससे पहले चीन के लिन डैन और झाओ युनलेई भी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पांच-पांच पदक जीत चुके हैं। ऐसे में सिंधू के पास इस बार इन खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर नया रिकॉर्ड बनाने का शानदार मौका है।
नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू को टूर्नामेंट में अपेक्षाकृत अच्छा ड्रॉ मिला है। वह अपने अभियान की शुरुआत आयरलैंड की 141वीं रैंकिंग वाली सोफिया नोबेल के खिलाफ करेंगी। आगे बढ़ने पर प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी से हो सकता है। क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी संभावित प्रतिद्वंद्वी हो सकती हैं, जबकि शीर्ष वरीयता प्राप्त और ओलंपिक चैंपियन आन से यंग फाइनल की राह में बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
सिंधू के आत्मविश्वास को हालिया प्रदर्शन से भी मजबूती मिली है। पिछले महीने उन्होंने जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतकर इतिहास रचा था और वह इस टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। अब वह उसी आत्मविश्वास के साथ घरेलू दर्शकों के सामने विश्व चैंपियनशिप में उतरेंगी। सिंधू को उम्मीद है कि भारतीय दर्शकों का समर्थन उन्हें एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने में मदद करेगा।
महिला एकल में सिंधू के अलावा उन्नति हुडा भी भारत की चुनौती पेश करेंगी। उन्नति पहली बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं और उनके सामने शुरुआती मुकाबले में म्यांमार की थेत हतार थुजार की चुनौती होगी। उनके लिए यह टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का बड़ा मौका होगा।
पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी से भी भारतीय प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं। यह जोड़ी विश्व चैंपियनशिप में पहले ही दो कांस्य पदक जीत चुकी है। सात्विक और चिराग ने 2022 और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया था। इस बार उनका लक्ष्य पदक का रंग बदलना होगा।
सात्विक और चिराग को पहले दौर में बाई मिली है और वह दूसरे दौर से अपना अभियान शुरू करेंगे। आगे चलकर क्वार्टर फाइनल में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग की जोड़ी से उनका सामना हो सकता है। वहीं सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद फिक्री और फजर अल्फियन संभावित प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं। हालांकि सात्विक की कंधे की समस्या टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इसी परेशानी के कारण वह हाल में कुछ टूर्नामेंट से बाहर भी रहे हैं।
पुरुष युगल में एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनन की जोड़ी भी भारतीय चुनौती को मजबूत करेगी। दोनों का शुरुआती मुकाबला आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स से होगा। इस जोड़ी की कोशिश टूर्नामेंट में आगे तक पहुंचकर अपनी छाप छोड़ने की होगी।
पुरुष एकल में 21 वर्षीय आयुष शेट्टी का सामना पहले ही दौर में मौजूदा विश्व चैंपियन और विश्व नंबर एक शी यू ची से होगा। आयुष के लिए यह बेहद कठिन मुकाबला माना जा रहा है, क्योंकि वह चीनी खिलाड़ी के खिलाफ अपने पिछले तीनों मुकाबले हार चुके हैं। वहीं 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ऑस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। लक्ष्य सेन ने 2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और इस बार भी वह पोडियम तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद से भी भारतीय प्रशंसकों को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। दोनों का पहला मुकाबला स्पेन की पाउला लोपेज और लूसिया रोड्रिगेज से होगा। वहीं सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम पहली बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी और पहले दौर में स्पेन की निकोल कारुल्ला और कारमेन मारिया जिमेनेज से भिड़ेंगी।
मिश्रित युगल में 15वीं वरीयता प्राप्त ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को पहले दौर में बाई मिली है। आगे चलकर उनका सामना चीन की छठी वरीयता प्राप्त गुओ शिनवा और चेन फांगहुई की जोड़ी से हो सकता है। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे अपने अभियान की शुरुआत कनाडा के जोनाथन लाई और क्रिस्टल लाई के खिलाफ करेंगे।
भारत ने इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। 17 साल बाद दोबारा इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी भारत के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। इससे पहले इंडिया ओपन के दौरान आयोजन स्थल की स्वच्छता, वायु गुणवत्ता, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों से जुड़े मुद्दे सामने आए थे। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय बैडमिंटन संघ और अन्य संबंधित विभागों ने विश्व चैंपियनशिप के सुचारू आयोजन के लिए कई कदम उठाए हैं।
अब पूरे देश की नजर भारतीय खिलाड़ियों पर होगी। सबसे ज्यादा उम्मीदें पीवी सिंधू और सात्विक-चिराग की जोड़ी से हैं। सिंधू के पास जहां रिकॉर्ड छठा विश्व चैंपियनशिप पदक जीतकर इतिहास बनाने का मौका है, वहीं सात्विक और चिराग घरेलू दर्शकों के सामने अपने पदक को स्वर्ण में बदलने की कोशिश करेंगे।


