ऑल-इलेक्ट्रिक रेसिंग चैंपियनशिप फॉर्मूला ई भारत में एक बार फिर वापसी करने के लिए उत्सुक है। चैंपियनशिप के सह-संस्थापक अल्बर्टो लोंगो ने कहा है कि फॉर्मूला ई भारतीय बाजार में लौटना चाहती है, लेकिन इसके लिए भारत के किसी शहर को प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि और इच्छाशक्ति दिखानी होगी। उनके मुताबिक, फिलहाल भारत की ओर से इस संबंध में कोई बातचीत नहीं चल रही है।
फॉर्मूला ई ने भारत में अपनी शुरुआत फरवरी 2023 में हैदराबाद ई-प्री के साथ की थी। यह भारत में आयोजित होने वाली पहली फॉर्मूला ई रेस थी और इसे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में देश के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन के तौर पर देखा गया था। हालांकि, इसके अगले संस्करण को आयोजित नहीं किया जा सका और रेस रद्द हो गई।
हैदराबाद ई-प्री के बाद तेलंगाना में सरकार बदल गई थी। इसके बाद नई सरकार की ओर से इस रेस के आयोजन में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई गई, जिसके चलते अगले साल होने वाली प्रतियोगिता को रद्द करना पड़ा। इसके बाद से भारत में फॉर्मूला ई की वापसी नहीं हो सकी है।
लंदन में बातचीत के दौरान अल्बर्टो लोंगो ने कहा कि फॉर्मूला ई भारत लौटना चाहती है, लेकिन अभी इसको लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने भारत को फॉर्मूला ई के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार बताया और कहा कि चैंपियनशिप निश्चित तौर पर देश में दोबारा आयोजन करना चाहेगी।
लोंगो के मुताबिक, भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। ऐसे में फॉर्मूला ई के लिए भारतीय बाजार का महत्व काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि भारत में वापसी को लेकर उनकी तरफ से पूरी तैयारी है, लेकिन किसी शहर को आगे आकर रेस की मेजबानी करने की इच्छा जाहिर करनी होगी।
फॉर्मूला ई दुनिया की प्रमुख ऑल-इलेक्ट्रिक मोटर रेसिंग चैंपियनशिप में शामिल है। इसमें पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों के साथ रेसिंग की जाती है। इस वजह से यह प्रतियोगिता इलेक्ट्रिक वाहनों, नई तकनीक और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार लगातार चर्चा में है और कई कंपनियां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में फॉर्मूला ई के आयोजन से इलेक्ट्रिक वाहनों और उनसे जुड़ी तकनीक को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का मौका मिल सकता है।
अल्बर्टो लोंगो ने साफ किया है कि फॉर्मूला ई की भारत में वापसी को लेकर दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। अगर भारत का कोई शहर इस प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए आगे आता है और आवश्यक स्तर पर पहल करता है, तो चैंपियनशिप भारत में दोबारा रेस आयोजित करने के लिए तैयार है।
अब देखना होगा कि भारत का कौन सा शहर फॉर्मूला ई की मेजबानी के लिए आगे आता है। हैदराबाद के बाद अगर किसी नए शहर में इस इलेक्ट्रिक रेसिंग चैंपियनशिप का आयोजन होता है, तो इससे भारत में मोटरस्पोर्ट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी दोनों को नई पहचान मिल सकती है।


