जापान में रविवार सुबह भूकंप के तेज झटकों से टोक्यो और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। 5.9 तीव्रता के इस भूकंप के झटके राजधानी टोक्यो के साथ-साथ पूर्वोत्तर और मध्य जापान के कई इलाकों में महसूस किए गए। भूकंप के बाद लोगों में डर का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई, जबकि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण यानी USGS ने इसकी तीव्रता 5.8 बताई है। भूकंप का केंद्र टोक्यो के उत्तर-पूर्व में स्थित इबाराकी प्रांत में जमीन के अंदर करीब 70 किलोमीटर की गहराई में था।
टोक्यो तक महसूस हुए तेज झटके
भूकंप का केंद्र टोक्यो से काफी दूरी पर होने के बावजूद राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए। जापान जैसे भूकंप प्रभावित देश में इस तरह के झटकों के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है। इस बार भी स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने स्थिति की निगरानी शुरू कर दी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप के कारण इबाराकी, चिबा और साइतामा प्रांतों में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटा रही हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
फटी पानी की पाइपलाइन, सड़क पर भरा पानी
भूकंप का असर टोक्यो के कोटो वार्ड में भी दिखाई दिया। यहां भूमिगत पानी की पाइपलाइन फट गई, जिसके कारण सड़क पर पानी जमा हो गया। घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने स्थिति को संभालने के लिए कार्रवाई शुरू की।
वहीं, बिजली आपूर्ति पर भी भूकंप का असर पड़ा। TEPCO पावर ग्रिड के अनुसार करीब 460 घरों की बिजली कुछ समय के लिए बाधित हुई थी। हालांकि बाद में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
सुनामी को लेकर क्या है अपडेट?
भूकंप के बाद जापान में सबसे ज्यादा चिंता सुनामी को लेकर होती है। खासकर समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों के बीच भूकंप के बाद डर बढ़ जाता है। लेकिन इस बार जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने साफ कर दिया है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
इस अपडेट के बाद तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। फिलहाल सुनामी को लेकर किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
परमाणु संयंत्र भी सुरक्षित
जापान में भूकंप के बाद परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा भी जांची जाती है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, देश के परमाणु संयंत्रों से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन लगातार इन महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सरकार ने बनाई विशेष टास्क फोर्स
भूकंप के बाद जापान सरकार ने नुकसान का आकलन करने और स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। अधिकारियों की टीमें अलग-अलग इलाकों से जानकारी जुटा रही हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों की मदद करना, प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को सामान्य रखना और किसी भी संभावित आफ्टरशॉक के लिए तैयार रहना है।
जापान में भूकंप आना कोई नई बात नहीं है, लेकिन राजधानी टोक्यो जैसे घनी आबादी वाले इलाके में तेज झटके महसूस होने के बाद प्रशासन की सतर्कता बढ़ जाती है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि 5.9 तीव्रता के इस भूकंप के बाद सुनामी का खतरा नहीं है और बिजली जैसी प्रभावित सेवाओं को भी बहाल किया जा रहा है।


