महाराष्ट्र के पालघर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। मासवण आश्रम स्कूल में एक साथ 26 छात्रों के बीमार पड़ने के बाद हड़कंप मच गया। इसी बीच पहली कक्षा में पढ़ने वाले सात साल के छात्र श्रीयांश की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मामला सामने आने के बाद स्कूल और प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल में पढ़ने वाले कई छात्र सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
मृतक छात्र श्रीयांश पहली कक्षा में पढ़ता था और उसकी उम्र करीब सात साल बताई जा रही है। परिवार और स्कूल से मिली जानकारी के मुताबिक, उसकी तबीयत खराब थी और उसे सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई।
लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्चे की मौत हो गई। इस घटना की खबर जैसे ही स्कूल और परिवार तक पहुंची, वहां मातम छा गया। एक तरफ परिवार अपने छोटे से बच्चे को खोने के गम में है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल में पढ़ने वाले दूसरे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक ही स्कूल में इतने ज्यादा बच्चे एक साथ बीमार कैसे पड़ गए। क्या सभी बच्चों को मौसम बदलने या वायरल संक्रमण की वजह से बुखार, सर्दी और खांसी हुई है, या फिर इसके पीछे कोई और वजह है? फिलहाल इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
एक साथ 26 छात्रों के बीमार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने भी बड़ी चुनौती है। बीमार बच्चों की जांच की जा रही है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर बच्चों के सैंपल लेकर बीमारी की वजह का पता लगाया जा सकता है।
मासवण का यह आश्रम स्कूल उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है जो यहां रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने की खबर ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जिन परिवारों के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं, वे अब अपने बच्चों की सेहत को लेकर परेशान हैं।
फिलहाल सबसे गंभीर मामला सात वर्षीय श्रीयांश की मौत का है। बच्चे की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत आखिर किस वजह से हुई।
यह भी जांच का विषय है कि बच्चे की तबीयत कितने समय से खराब थी और उसे किस स्थिति में अस्पताल ले जाया गया। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि स्कूल में बीमार पड़ने वाले बाकी बच्चों में किस तरह के लक्षण पाए गए हैं।
अगर एक ही जगह पर इतने बच्चों में एक जैसे लक्षण सामने आए हैं तो स्वास्थ्य विभाग के लिए बीमारी की वजह का पता लगाना बेहद जरूरी हो जाता है। स्कूल परिसर में साफ-सफाई, पीने के पानी, भोजन और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल बच्चे की मौत के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। 26 छात्रों के बीमार पड़ने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि बच्चों के बीमार पड़ने की असली वजह क्या है और सात साल के श्रीयांश की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बाकी सभी बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकेगा और क्या उनकी बीमारी की असली वजह जल्द सामने आएगी? फिलहाल परिवार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और स्कूल में पढ़ने वाले बाकी बच्चों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है।


