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Adani Energy को महाराष्ट्र में मिला ₹4,700 करोड़ का बड़ा Transmission Project! Renewable Energy सेक्टर में बढ़ेगा दबदबा

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड यानी AESL को महाराष्ट्र में करीब 4,700 करोड़ रुपये की बड़ी पारेषण परियोजना मिली है। इस प्रोजेक्ट का मकसद 4,500 मेगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण बिजली को प्रमुख बिजली खपत वाले इलाकों तक पहुंचाने के लिए जरूरी ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करना है। कंपनी को यह परियोजना शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली यानी TBCB प्रक्रिया के जरिए हासिल हुई है। इस प्रोजेक्ट को अदाणी एनर्जी के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे कंपनी की Renewable Energy Transmission और Energy Storage Infrastructure के क्षेत्र में मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।

कंपनी के मुताबिक इस परियोजना का नाम पश्चिमी क्षेत्र में सातारा के पास पंप स्टोरेज क्षमता के लिए नेटवर्क विस्तार योजना यानी 4,500 मेगावाट तक भाग-ए है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षमता को ग्रिड से जोड़ना और उसे उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जहां बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। परियोजना का अनुमानित पूंजीगत व्यय करीब 4,700 करोड़ रुपये बताया गया है।

इस प्रोजेक्ट का एक अहम पहलू यह है कि इसके जरिए कर्नाटक में पैदा होने वाली नवीकरणीय ऊर्जा को महाराष्ट्र के प्रमुख बिजली खपत केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। दक्षिण भारत में तैयार होने वाली Renewable Energy को पश्चिमी भारत के बड़े बिजली बाजारों तक पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत है। यह परियोजना इसी जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इसका फायदा महाराष्ट्र के सातारा, पुणे और मुंबई महानगर क्षेत्र यानी MMR जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को मिलने की उम्मीद है। खासकर इन क्षेत्रों में पंप स्टोरेज सिस्टम के विस्तार के साथ बिजली के बेहतर प्रबंधन की जरूरत बढ़ रही है। पंप स्टोरेज तकनीक को ऊर्जा भंडारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराने और ग्रिड को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।

परियोजना के लिए सातारा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड नाम की विशेष प्रयोजन इकाई यानी SPV बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी आने वाले करीब तीन वर्षों में इस ट्रांसमिशन नेटवर्क को तैयार करने की योजना है। समय पर काम पूरा होने के बाद यह नेटवर्क महाराष्ट्र में अक्षय ऊर्जा की निकासी और बिजली के प्रवाह को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अब सवाल है कि इस परियोजना में आखिर क्या-क्या तैयार किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत सातारा में 765/400 किलोवोल्ट का एक बड़ा सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा कोल्हापुर और सातारा के बीच 765 किलोवोल्ट की डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही कोल्हापुर पूलिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाने और उससे जुड़े ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने का काम भी किया जाएगा।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कंदर्प पटेल के मुताबिक, सातारा ट्रांसमिशन परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी और ऊर्जा भंडारण की तैनाती दोनों को समर्थन देने वाला महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी। उनके अनुसार इससे दक्षिणी और पश्चिमी भारत के बीच बिजली के प्रवाह को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

यह परियोजना ऐसे समय मिली है जब भारत तेजी से Renewable Energy क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ बिजली पैदा करना नहीं बल्कि उसे सही समय पर सही स्थान तक पहुंचाना भी है। इसके लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी वजह से बड़े पारेषण प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।

अदाणी एनर्जी के लिए भी यह प्रोजेक्ट इसलिए खास है क्योंकि इससे कंपनी के ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो में एक और बड़ा प्रोजेक्ट जुड़ गया है। कंपनी पहले से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है। महाराष्ट्र की यह परियोजना दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों के बीच Renewable Energy Flow को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

कुल मिलाकर 4,700 करोड़ रुपये की यह परियोजना सिर्फ अदाणी एनर्जी के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र और देश के Renewable Energy Infrastructure के लिए भी अहम मानी जा रही है। अगर निर्धारित 36 महीने की समयसीमा में प्रोजेक्ट पूरा होता है, तो इससे 4,500 मेगावाट तक अक्षय ऊर्जा और भंडारण क्षमता की निकासी के लिए मजबूत नेटवर्क तैयार हो सकता है। आने वाले समय में यह परियोजना महाराष्ट्र के बढ़ते ऊर्जा बाजार और भारत के Renewable Energy लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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