भारतीय फुटबॉल टीम के लिए एशियाई स्तर पर एक और बड़ी चुनौती सामने आ गई है। AFC अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के लिए भारत का ग्रुप तय हो चुका है और इस ग्रुप में टीम इंडिया के सामने मलेशिया समेत चार मजबूत प्रतिद्वंद्वी होंगे।
कुआलालंपुर स्थित AFC मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम को ग्रुप E में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के साथ मेजबान मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम की टीमें शामिल हैं।
क्वालीफायर मुकाबले 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में खेले जाएंगे। सभी मुकाबले एकल राउंड रॉबिन प्रारूप में होंगे, यानी ग्रुप में शामिल हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला खेलेगी।
भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को भारतीय टीम का सामना गुआम से होगा। 17 नवंबर को भारत और फलस्तीन आमने-सामने होंगे, जबकि ग्रुप चरण का सबसे अहम मुकाबला 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया के खिलाफ खेला जाएगा।
अब सवाल है कि इस क्वालीफायर में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कौन सी टीम होगी? कागज पर देखा जाए तो मलेशिया के खिलाफ मुकाबला खासा महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वह मेजबान टीम है और घरेलू मैदान का फायदा उसे मिल सकता है। लेकिन भारत को सिंगापुर, गुआम और फलस्तीन के खिलाफ भी पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरना होगा।
इस क्वालीफायर ड्रॉ में कुल 35 टीमों को पांच-पांच टीमों के सात ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में टीमों को आपस में मुकाबले खेलने होंगे और प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष टीम को एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के मुख्य टूर्नामेंट का टिकट मिलेगा।
मुख्य टूर्नामेंट का आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में किया जाएगा। यानी भारत के सामने अब पहला लक्ष्य अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करना और लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करना है।
भारत ने इससे पहले 2026 में सऊदी अरब में आयोजित एएफसी अंडर-17 एशियाई कप के लिए भी क्वालीफाई किया था। हालांकि, भारतीय टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब युवा खिलाड़ियों के सामने पिछली चुनौती से सीख लेकर इस बार बेहतर प्रदर्शन करने का मौका होगा।
अगर भारत ग्रुप E में शीर्ष स्थान हासिल करता है तो वह 2027 में उज्बेकिस्तान में होने वाले मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना लेगा। यह भारत के लिए खास उपलब्धि होगी, क्योंकि टीम लगातार दूसरी बार इस प्रतियोगिता में पहुंचने की कोशिश करेगी।
इतना ही नहीं, भारत की नजर इतिहास में 11वीं बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करने पर भी होगी। ऐसे में नवंबर में मलेशिया में होने वाले मुकाबले युवा भारतीय फुटबॉलरों के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।
मुख्य टूर्नामेंट में एशिया की नौ टीमें पहले ही 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिए स्वतः क्वालीफाई कर चुकी हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।
अब भारतीय टीम के सामने चुनौती साफ है—ग्रुप E में लगातार चार मुकाबले, हर मैच में जीत की जरूरत और आखिर में शीर्ष स्थान हासिल करने का लक्ष्य।
तो क्या भारतीय युवा टीम इस बार पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करते हुए एशियाई कप में जगह बना पाएगी? क्या मलेशिया की धरती पर टीम इंडिया अपने ग्रुप की सबसे बड़ी चुनौती को पार कर पाएगी? इसका जवाब नवंबर में मैदान पर मिलेगा।


