भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट मुकाबले का रोमांचक अंत ड्रॉ के साथ हुआ। भारतीय टीम के पास दो मैचों की सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करने का शानदार मौका था, लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनुशा दीवार बनकर भारतीय गेंदबाजों के सामने खड़े हो गए।
दिनुशा ने दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 133 रन बनाए और श्रीलंका को हार से बचा लिया। उनकी इस पारी ने न सिर्फ भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा ली, बल्कि भारत के 2-0 से सीरीज जीतने के सपने को भी तोड़ दिया।
कोलंबो में खेले गए इस दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। पहली पारी में भारत ने श्रीलंका पर बड़ी बढ़त हासिल की। भारत के पास मैच जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने का सुनहरा मौका था।
पहली पारी के बाद भारत को 213 रनों की बड़ी बढ़त मिली थी। इसके बाद भारतीय टीम को उम्मीद थी कि श्रीलंका की दूसरी पारी को जल्दी समेटकर मैच अपने नाम किया जा सकता है।
लेकिन श्रीलंका की दूसरी पारी में सोनल दिनुशा ने भारतीय गेंदबाजों की सारी रणनीति पर पानी फेर दिया। उन्होंने बेहद धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और विकेट बचाकर भारत को लगातार परेशान किया।
दिनुशा ने 264 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 133 रन बनाए। उनकी पारी में संयम के साथ-साथ शानदार शॉट्स भी देखने को मिले। भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें आउट करने की पूरी कोशिश की, लेकिन दिनुशा लगातार क्रीज पर टिके रहे।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, भारत की जीत की उम्मीदें कमजोर होती चली गईं। भारतीय गेंदबाज विकेट की तलाश में लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन दिनुशा ने कोई मौका नहीं दिया।
दिनुशा का यह टेस्ट क्रिकेट में तीसरा शतक बताया जा रहा है और इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में धैर्य के साथ बल्लेबाजी कितनी महत्वपूर्ण होती है।
श्रीलंका ने अपनी कुल बढ़त को 216 रनों तक पहुंचाया। इसके बाद मेजबान टीम ने पारी घोषित कर दी। दोनों टीमों के बीच जीत-हार का फैसला नहीं हो सका और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हो गया।
हालांकि, मैच ड्रॉ होने के बावजूद भारतीय टीम के लिए सीरीज का नतीजा सकारात्मक रहा। भारत ने गाले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज की थी। इसी जीत की बदौलत टीम इंडिया ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली।
यानी भारतीय टीम सीरीज जीतने में कामयाब रही, लेकिन 2-0 से क्लीन स्वीप करने का मौका हाथ से निकल गया।
इस मुकाबले में सोनल दिनुशा की पारी श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने जिस तरह से भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, उससे साफ दिखाई दिया कि श्रीलंका आखिरी समय तक हार मानने के लिए तैयार नहीं था।
वहीं भारतीय टीम के लिए यह मैच एक सीख भी छोड़ गया। बड़ी बढ़त हासिल करने के बावजूद आखिरी दिन विकेट हासिल नहीं कर पाना टीम के लिए निराशाजनक जरूर रहा होगा।
फिर भी कप्तान और टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली है। अब टीम इंडिया को आगे के मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी को और धार देने की जरूरत होगी, ताकि ऐसे मौकों पर जीत को ड्रॉ में बदलने से रोका जा सके।
कुल मिलाकर, श्रीलंका ने दूसरे टेस्ट में शानदार जुझारूपन दिखाया और सोनल दिनुशा के नाबाद 133 रन ने भारत को जीत से रोक दिया। लेकिन गाले की जीत के दम पर टीम इंडिया ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली।


