महाराष्ट्र के जलगांव से रक्षाबंधन के दिन एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। जिस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाल जिंदगी की कामना कर रही थी, उसी दिन 18 वर्षीय रोहित साहेबराव धनगर की कथित आत्महत्या की खबर ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। सबसे भावुक कर देने वाली बात यह थी कि घटना के कुछ घंटे पहले ही रोहित की छोटी बहन ने उसकी कलाई पर राखी बांधी थी। रोहित ने भी इस खास मौके पर अपने मोबाइल स्टेटस पर ‘हैप्पी रक्षा बंधन ताई’ लिखा था। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद घर में ऐसा सन्नाटा पसरा, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी।
बताया जा रहा है कि घटना महाराष्ट्र के जलगांव के दशरथ नगर इलाके की है। रक्षाबंधन के मौके पर घर में त्योहार का माहौल था। बहन ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी और परिवार के लोगों ने भी त्योहार की खुशियां मनाईं। रोहित ने अपनी बहन के लिए मोबाइल स्टेटस भी लगाया। बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही समय बाद परिवार के सामने ऐसी खबर आई जिसने सभी को हिलाकर रख दिया।
परिजनों के मुताबिक, रोहित ने कथित तौर पर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब इस घटना की जानकारी परिवार को हुई तो वहां चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ घंटे पहले राखी का त्योहार मनाया जा रहा था, उसी घर में अचानक मातम छा गया।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू अस्पताल में सामने आया। जब परिजनों ने रोहित का शव देखा तो उसकी कलाई पर वही राखी बंधी हुई थी, जिसे उसकी बहन ने सुबह प्यार और उम्मीद के साथ बांधा था। एक तरफ बहन अपने भाई की सलामती की दुआ कर रही थी और दूसरी तरफ कुछ ही घंटों में परिवार को उसकी मौत की खबर मिल गई। राखी बंधी कलाई को देखकर परिजनों का दर्द और भी बढ़ गया।
रोहित के मोबाइल स्टेटस को लेकर भी लोग भावुक हैं। ‘हैप्पी रक्षा बंधन ताई’ जैसे छोटे से संदेश में भाई-बहन के रिश्ते की झलक दिखाई दे रही थी। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह स्टेटस कुछ ही घंटों बाद परिवार के लिए एक ऐसी याद बन जाएगा, जिसे वे शायद जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगे। हालांकि रोहित ने यह कदम क्यों उठाया, इसके पीछे क्या वजह थी और घटना से पहले उसके मन में क्या चल रहा था, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति या आत्महत्या के पीछे की वजह को लेकर बिना जांच के निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता। पुलिस मामले की जांच कर सकती है और परिवार तथा आसपास के लोगों से जानकारी जुटाकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश करेगी। यह भी पता लगाने की जरूरत होगी कि क्या रोहित किसी परेशानी से गुजर रहा था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार, भरोसे और सुरक्षा का त्योहार माना जाता है। ऐसे दिन किसी परिवार के एक सदस्य की मौत होना उस परिवार के लिए बेहद गहरा सदमा होता है। रोहित की कलाई पर बंधी राखी इस पूरी घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर बन गई है। जिस राखी को बहन ने भाई की लंबी उम्र की उम्मीद के साथ बांधा था, वही राखी कुछ घंटों बाद परिवार के लिए दर्द की निशानी बन गई।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि किसी व्यक्ति के भीतर क्या चल रहा है, यह हमेशा उसके चेहरे या सोशल मीडिया पोस्ट से पता नहीं चलता। अगर कोई व्यक्ति लगातार परेशान, निराश या असामान्य व्यवहार करता दिखाई दे, तो उसके करीबियों को उससे बात करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए Tele-MANAS की हेल्पलाइन 14416 उपलब्ध है।
फिलहाल जलगांव की इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रक्षाबंधन के दिन बहन की कलाई नहीं, बल्कि भाई की कलाई पर बंधी राखी अब इस परिवार के लिए उस आखिरी मुलाकात की याद बन गई है, जब सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


