चेहरे पर बार-बार होने वाले पिंपल्स सिर्फ खूबसूरती को प्रभावित नहीं करते, बल्कि कई लोगों के लिए परेशानी और आत्मविश्वास कम होने की वजह भी बन जाते हैं। एक-दो पिंपल्स होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर लगातार मुंहासे निकल रहे हों, लाल निशान और दाग बनने लगे हों, तो स्किन केयर रूटीन पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। ऐसे में बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स के साथ-साथ कई लोग घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल करते हैं। नीम और लौंग से बना फेस पैक भी ऐसा ही एक घरेलू उपाय है, लेकिन इसे इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पिंपल्स सिर्फ चेहरे पर गंदगी जमा होने की वजह से नहीं होते। मुंहासे होने के पीछे त्वचा में ज्यादा सीबम यानी ऑयल बनना, पोर्स का बंद होना और सूजन जैसी कई वजहें हो सकती हैं। कुछ मामलों में बैक्टीरिया भी मुंहासों को बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए केवल चेहरे को बार-बार धोना या किसी घरेलू पैक का इस्तेमाल करना हर व्यक्ति में पिंपल्स को पूरी तरह खत्म कर देगा, ऐसा कहना सही नहीं होगा।
नीम को पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजन कम करने वाले गुण हो सकते हैं। इसी वजह से नीम को पिंपल वाली त्वचा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू उपायों में शामिल किया जाता है। वहीं लौंग में भी ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नीम और लौंग हर तरह के मुंहासों का इलाज कर सकते हैं।
अगर आप नीम और लौंग का घरेलू फेस पैक आजमाना चाहते हैं, तो सबसे पहले कुछ ताजी नीम की पत्तियां लेकर उन्हें अच्छी तरह धो लें। इसके बाद पत्तियों को पीसकर एक मुलायम पेस्ट तैयार कर लें। इसमें बहुत थोड़ी मात्रा में लौंग का पाउडर मिलाया जा सकता है। यहां खास ध्यान रखें कि लौंग की मात्रा ज्यादा न हो, क्योंकि लौंग त्वचा पर जलन पैदा कर सकती है, खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में।
फेस पैक लगाने से पहले चेहरे को किसी हल्के क्लींजर से साफ कर लें और त्वचा को सुखा लें। इसके बाद तैयार पेस्ट की बहुत पतली परत प्रभावित हिस्से पर या चेहरे पर सावधानी से लगाएं। इसे लंबे समय तक चेहरे पर लगाए रखने के बजाय करीब 5 से 10 मिनट बाद सामान्य पानी से धो देना बेहतर है। इसके बाद त्वचा को हल्के हाथ से सुखाएं और जरूरत महसूस हो तो एक साधारण मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बार-बार लगाने के बजाय कभी-कभार ही इस्तेमाल करना बेहतर है।
लेकिन इस घरेलू नुस्खे के साथ कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। थोड़ी मात्रा में पैक को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें कि जलन, खुजली या लालिमा तो नहीं हो रही। अगर कोई प्रतिक्रिया दिखाई दे तो इसे चेहरे पर बिल्कुल न लगाएं। खासतौर पर लौंग का एसेंशियल ऑयल सीधे चेहरे पर लगाने से बचें, क्योंकि इससे जलन और त्वचा को नुकसान हो सकता है।
अगर फेस पैक लगाने के बाद तेज जलन, सूजन या लालिमा दिखाई दे तो इसे तुरंत धो दें। पिंपल्स को बार-बार दबाने या फोड़ने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे सूजन बढ़ सकती है और दाग पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। अगर पिंपल्स लगातार हो रहे हैं, बहुत ज्यादा हैं या दर्दनाक और गहरे मुंहासे हैं, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
याद रखें, नीम और लौंग का फेस पैक कुछ लोगों को त्वचा की देखभाल में मदद कर सकता है, लेकिन इसे पिंपल्स का पक्का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। साफ-सफाई, त्वचा के मुताबिक सही स्किन केयर रूटीन और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह ज्यादा महत्वपूर्ण है।


