उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को अमेठी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने की दावेदारी पर तंज कसते हुए दावा किया कि साल 2047 तक अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले हैं।
अमेठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जनता की नजर में खुद एक सवाल बन गए हैं। उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्तारूढ़ बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
केशव मौर्य ने अखिलेश यादव की मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदों पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितने भी सपने देख लें, लेकिन 2047 तक उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना नहीं है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक मुकाबले के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच बयानबाजी कोई नई बात नहीं है। दोनों नेता अलग-अलग मौकों पर एक-दूसरे की पार्टी और राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में अमेठी दौरे के दौरान मौर्य का यह बयान भी राजनीतिक माहौल को गरमाने वाला माना जा रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें जनता के बीच सवालों के घेरे में बताया। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर तत्काल क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी और सपा के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वहीं केशव प्रसाद मौर्य बीजेपी सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं। दोनों नेताओं की राजनीतिक बयानबाजी अक्सर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुर्खियां बटोरती है।
अमेठी दौरे के दौरान केशव प्रसाद मौर्य का बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में राजनीतिक दल लगातार अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पद को लेकर किया गया यह तंज आने वाले समय में सियासी बहस को और हवा दे सकता है।
मौर्य के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा उनका 2047 तक अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री नहीं बनने का दावा रहा। उन्होंने जिस अंदाज में अखिलेश यादव की मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदों पर निशाना साधा, उससे साफ है कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
अब देखना होगा कि केशव प्रसाद मौर्य के इस हमले पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से क्या पलटवार सामने आता है। फिलहाल अमेठी में दिया गया मौर्य का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है और ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ वाला उनका तंज राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोर रहा है।


