पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की नई परतें सामने आ रही हैं। पुलिस के मुताबिक, केतन को रास्ते से हटाने के लिए शुरुआत में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग यानी किसी बाहरी व्यक्ति को सुपारी देकर हत्या कराने की योजना पर चर्चा हुई थी। लेकिन बाद में कथित तौर पर प्लान बदल दिया गया और मुख्य आरोपियों ने खुद हत्या को अंजाम देने का फैसला किया।
इस मामले में पुलिस ने अब तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान रितेश हांगे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, रितेश मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का करीबी दोस्त है और वह मूल रूप से बीड का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
जांच के अनुसार, हत्या की साजिश के शुरुआती दौर में केतन अग्रवाल की हत्या के लिए किसी बाहरी व्यक्ति को सुपारी देने की बात सामने आई थी। यानी आरोपियों की शुरुआती योजना खुद हत्या करने की नहीं, बल्कि किसी कॉन्ट्रैक्ट किलर के जरिए कारोबारी को रास्ते से हटाने की बताई जा रही है। हालांकि, बाद में परिस्थितियां बदलीं और चेतन चौधरी तथा सिया गोयल ने कथित तौर पर हत्या की जिम्मेदारी खुद लेने का फैसला किया।
पुलिस अब इस बदलाव के पीछे की वजह भी तलाश रही है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पहले बाहरी शख्स को सुपारी देने की बात हुई और फिर मुख्य आरोपियों ने खुद हत्या की प्लानिंग तैयार कर ली? क्या कॉन्ट्रैक्ट किलर नहीं मिला या फिर आरोपियों को लगा कि खुद वारदात को अंजाम देना ज्यादा आसान होगा? इन सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ के बाद ही सामने आ सकेंगे।
तीसरे आरोपी रितेश हांगे की गिरफ्तारी को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चेतन और रितेश के बीच हत्या से पहले किस तरह की बातचीत हुई थी और क्या रितेश को पूरी साजिश की जानकारी थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने आरोपियों को किसी तरह की मदद, संसाधन या जानकारी उपलब्ध कराई थी।
गिरफ्तारी के बाद रितेश को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान उससे पूछताछ कर साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और आरोपियों के साथ संपर्क की भी जांच की जा सकती है।
इस मामले में मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल पहले से ही पुलिस की जांच के दायरे में हैं। अब रितेश हांगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने हत्या की पूरी साजिश को जोड़ने की चुनौती है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि तीनों के बीच क्या संबंध था और हत्या की योजना कब और कैसे तैयार हुई।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हत्या का मकसद भी है। केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की कथित योजना के पीछे आखिर क्या वजह थी, यह जांच का अहम हिस्सा है। इसके लिए पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ-साथ उपलब्ध तकनीकी और दूसरे सबूतों का मिलान कर सकती है।
कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से शुरू होकर खुद हत्या करने तक पहुंची यह कथित साजिश अब पुलिस जांच में नया मोड़ ले चुकी है। तीसरी गिरफ्तारी के बाद उम्मीद है कि हत्या की प्लानिंग, आरोपियों की भूमिका और वारदात के पीछे के मकसद से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। फिलहाल रितेश हांगे पुलिस हिरासत में है और पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी इस केस की आगे की दिशा तय करेगी।


