दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस पर उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों का संगम देखने को मिला। 7 सितंबर को विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक याद किया गया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण किया गया।
समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति विद्यार्थियों की कृतज्ञता को जन्माष्टमी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और जीवन मूल्यों के साथ बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न रोचक और मनोरंजक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी की विषयवस्तु पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति रही। छात्राओं भूमि, मानसी और उनकी टीम ने इस प्रस्तुति के जरिए अपनी रचनात्मकता और अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में रंग और उत्साह भर दिया, जिसे उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने खूब सराहा।
समारोह में संवादात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का संचालन छात्राओं श्रुति और प्रिया ने किया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षणकर्मियों के बीच आपसी संवाद, सहभागिता और सौहार्द को बढ़ावा मिला। गतिविधियों ने पूरे कार्यक्रम को और अधिक मनोरंजक एवं जीवंत बना दिया।
शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी को समर्पित एक भावपूर्ण कविता-पाठ भी प्रस्तुत किया गया। कविता के माध्यम से युवा मस्तिष्कों के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के शाश्वत संदेश, जीवन मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के महत्व को भी प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, आत्मविश्वास, टीम भावना और सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। विभिन्न प्रस्तुतियों और गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह भी दिखाया कि शिक्षा केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां भी व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस समारोह ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने का अवसर भी प्रदान किया। पूरे कार्यक्रम में शिक्षक और विद्यार्थी एक साथ सहभागिता करते नजर आए, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में पारिवारिक और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. संजीव राय के साथ डॉ. आर. पी. सिंह, डॉ. नसरुद्दीन, डॉ. ऋचा, डॉ. शगुफ्ता और डॉ. पारुल सहित अन्य शिक्षकगण एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और प्रयासों की सराहना की।
समारोह का समापन आनंदमय और सकारात्मक वातावरण में हुआ। शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी के इस संयुक्त आयोजन ने न केवल शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत किया, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर मंच भी प्रदान किया।


