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सुबह उठते ही करें ये 4 Yoga Asanas! दिनभर की थकान और सुस्ती होगी छूमंतर, शरीर में आएगी नई Energy

दिनभर काम करते-करते अगर शरीर में भारीपन, थकान और सुस्ती महसूस होती है, तो सुबह की शुरुआत योग से करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। लगातार ऑफिस में बैठकर काम करने, पढ़ाई करने या मोबाइल-कंप्यूटर पर ज्यादा समय बिताने से शरीर और दिमाग दोनों पर असर पड़ता है। ऐसे में रोजाना कुछ मिनट योग करने से शरीर को एक्टिव रखने और मानसिक रूप से फ्रेश महसूस करने में मदद मिल सकती है।

सुबह का समय योग के लिए काफी अच्छा माना जाता है। दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से करने पर शरीर की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और शरीर में रक्त संचार बेहतर करने में मदद मिलती है। सूर्य नमस्कार शरीर को स्ट्रेच करने के साथ सुबह की सुस्ती कम करने में भी सहायक हो सकता है। शुरुआत करने वाले लोग अपनी क्षमता के अनुसार कुछ राउंड से शुरू कर सकते हैं और अभ्यास बढ़ा सकते हैं।

इसके बाद ताड़ासन किया जा सकता है। ताड़ासन में शरीर को सीधा रखते हुए ऊपर की ओर खिंचाव दिया जाता है। यह रीढ़ और शरीर के पॉश्चर पर ध्यान देने में मदद करता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए सही पॉश्चर बनाए रखना बेहद जरूरी है। ताड़ासन शरीर के संतुलन और एकाग्रता के अभ्यास में भी मदद कर सकता है।

तीसरा योगासन है भुजंगासन। इसे करते समय पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है। इस दौरान पीठ और रीढ़ के आसपास खिंचाव महसूस होता है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने के कारण होने वाली अकड़न में यह आसन राहत देने में सहायक हो सकता है। भुजंगासन छाती को खोलने और शरीर को अधिक सक्रिय महसूस कराने में भी मदद करता है।

अगर आपका दिमाग काम के दौरान जल्दी भटक जाता है या फोकस बनाए रखने में परेशानी होती है, तो वृक्षासन को भी अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इसमें एक पैर पर खड़े होकर शरीर का संतुलन बनाए रखना होता है। इस वजह से शरीर की स्थिरता के साथ मानसिक एकाग्रता पर भी ध्यान देना पड़ता है। नियमित अभ्यास से पैरों की मांसपेशियों और बैलेंस को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

इन चारों योगासनों का नियमित अभ्यास सुबह की सुस्ती को कम करने और दिन की शुरुआत ज्यादा एक्टिव तरीके से करने में मदद कर सकता है। हालांकि योग करते समय अपनी क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। किसी आसन में दर्द या असहजता महसूस हो तो उसे जबरदस्ती न करें। चोट, गंभीर कमर या रीढ़ की समस्या जैसी स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही योग करना बेहतर है।

अगर आप दिनभर चाय-कॉफी के सहारे खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करते हैं, तो अपनी दिनचर्या में योग को भी जगह दें। सुबह के कुछ मिनट सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, भुजंगासन और वृक्षासन के लिए निकालना शरीर और दिमाग दोनों को दिनभर बेहतर तरीके से एक्टिव रखने की दिशा में एक आसान कदम हो सकता है।

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