जापान के आइची-नागोया में एशियाई खेलों का आगाज होने जा रहा है और भारतीय खिलाड़ियों की निगाहें हांग्झोऊ के ऐतिहासिक प्रदर्शन को पीछे छोड़ने पर टिकी हैं। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने 107 पदक जीतकर इतिहास रचा था। अब सवाल है कि क्या भारतीय खिलाड़ी इस बार अपने पिछले प्रदर्शन को और बेहतर बना पाएंगे? कौन-कौन से बड़े सितारे मैदान में उतरेंगे और किन खेलों में भारत की चुनौती देखने को मिलेगी?
19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इन एशियाई खेलों में 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में 43 खेलों और 469 पदक स्पर्धाओं का आयोजन होना है। जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में इन खेलों का आयोजन हुआ था।
भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में 503 खिलाड़ियों का दल हिस्सा लेने जा रहा है। इसमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी 36 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे। दल में कई ऐसे नाम हैं, जिन्होंने ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
बैडमिंटन में पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन जैसे खिलाड़ियों पर नजर रहेगी। निशानेबाजी में मनु भाकर और ईशा सिंह भारतीय चुनौती पेश करेंगी। वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू से मुकाबले देखने को मिलेंगे। कुश्ती में अमन सहरावत और अंतिम पंघाल जैसे खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खेल प्रेमियों की निगाहें रहेंगी।
हालांकि, भारतीय दल को एक बड़ा झटका भी लगा है। भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण इन खेलों से बाहर हो गए हैं। नीरज ने हांग्झोऊ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उनकी गैरमौजूदगी में एथलेटिक्स में भारत की चुनौती दूसरे खिलाड़ियों के कंधों पर होगी।
एथलेटिक्स भारत के लिए पिछले एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रहा था। हांग्झोऊ में भारतीय एथलीटों ने 29 पदक हासिल किए थे। इस बार भी दौड़, लंबी कूद, भाला फेंक और अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास ध्यान रहेगा।
हॉकी में भारतीय पुरुष और महिला टीमें भी मैदान में उतरेंगी। पुरुष टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह कर रहे हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी। हॉकी के मुकाबले भी भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
क्रिकेट में भारत की पुरुष और महिला टीमें हिस्सा लेंगी। दोनों टीमें पिछले एशियाई खेलों में जीते गए स्वर्ण पदकों का बचाव करने उतरेंगी। कबड्डी में भी भारतीय पुरुष और महिला टीमों से मुकाबले देखने को मिलेंगे। इसके अलावा मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती और बैडमिंटन जैसी स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ी पदक के लिए मुकाबला करेंगे।
इन खेलों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि कुछ स्पर्धाओं में 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन से जुड़े अवसर भी होंगे। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता पदक जीतने के साथ-साथ ओलंपिक की तैयारी के लिहाज से भी अहम होगी।
हांग्झोऊ में भारत ने 107 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेल प्रदर्शन किया था। अब आइची-नागोया में भारतीय दल उस रिकॉर्ड को बेहतर बनाने के लक्ष्य के साथ उतरेगा। खिलाड़ियों की तैयारी, चोटों की स्थिति और प्रतियोगिता के दौरान उनके प्रदर्शन पर सबकी नजर रहेगी।


