उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर से अपने क्षेत्रीय दौरे की शुरुआत की है। इस अभियान को ‘मिशन-62’ नाम दिया गया है। इसके तहत गोरक्ष क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों से जुड़े संगठनात्मक कामकाज और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा की जा रही है।
विनोद तावड़े का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। बीजेपी की ओर से क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों की जानकारी जुटाने पर जोर दिया जा रहा है।
गोरखपुर को इस अभियान की शुरुआत के लिए चुना जाना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है और पूर्वांचल की राजनीति में इसकी अहम भूमिका रही है। बीजेपी के लिए गोरक्ष क्षेत्र संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां से दौरे की शुरुआत को पार्टी की क्षेत्रीय समीक्षा का हिस्सा माना जा रहा है।
तावड़े के दौरे के दौरान गोरक्ष क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों से जुड़े पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की गतिविधियों और आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है। पार्टी स्तर पर क्षेत्रीय फीडबैक जुटाने और संगठन के कामकाज को समझने पर ध्यान दिया जा रहा है।
दौरे के पहले दिन सहजनवा विधानसभा क्षेत्र स्थित अटल आवासीय विद्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय में संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है।
इस अभियान में विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी शामिल है। इन मुलाकातों के जरिए स्थानीय समस्याओं, संगठनात्मक चुनौतियों और क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है।
पार्टी की तैयारियों में मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठकें भी शामिल हैं। इन बैठकों में पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। हालांकि, बैठक में हुई चर्चाओं और उनसे जुड़े अंतिम फैसलों की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही अभियान के परिणामों का आकलन किया जा सकेगा।
गोरक्ष क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों का महत्व पिछले चुनावों के नतीजों से भी समझा जा सकता है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने कुल 46 सीटें जीती थीं। इनमें बीजेपी की 42 और निषाद पार्टी की चार सीटें शामिल थीं। समाजवादी पार्टी ने 12 सीटों पर और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। ये आंकड़े 2022 के चुनाव से संबंधित हैं और आगामी चुनाव के नतीजों का अनुमान नहीं माने जा सकते।
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शन और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर चर्चा हुई। इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी की ओर से बूथ स्तर तक संगठन की समीक्षा और स्थानीय नेताओं से फीडबैक जुटाने की गतिविधियां की जा रही हैं।
गोरखपुर के बाद विनोद तावड़े के अयोध्या और अन्य क्षेत्रों में भी संगठनात्मक बैठकों में शामिल होने का कार्यक्रम है। इन दौरों के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी।
इस तरह ‘मिशन-62’ के तहत बीजेपी का ध्यान गोरक्ष क्षेत्र की विधानसभा सीटों, संगठनात्मक समीक्षा, स्थानीय नेताओं से संवाद और बूथ स्तर की तैयारियों पर है। अब आने वाले समय में इन बैठकों से क्या फैसले निकलते हैं और पार्टी अपनी संगठनात्मक गतिविधियों में क्या बदलाव करती है, इस पर नजर रहेगी।


