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सऊदी अरब पर हूथी हमलों से बढ़ी चिंता! भारत की निंदा, बाब-अल-मंडेब शिपिंग रूट पर खतरे की चेतावनी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हूथी हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख जाहिर किया है। भारत ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें अस्वीकार्य बताया है। साथ ही, चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अहम समुद्री व्यापार मार्गों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं। आखिर भारत ने किन हमलों पर चिंता जताई और बाब-अल-मंडेब जलमार्ग क्यों महत्वपूर्ण है? जानिए पूरी खबर।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यमन की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत वहां के हालात को लेकर बहुत चिंतित है और उम्मीद करता है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।

प्रवक्ता ने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की। भारत की चिंता खास तौर पर उन हमलों को लेकर है, जिनमें आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। भारत ने पवित्र शहर मक्का पर हमले की कोशिश की भी निंदा दोहराई।

भारत ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इनसे क्षेत्रीय सुरक्षा कमजोर होती है। बयान में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई गई है। खास तौर पर बाब-अल-मंडेब जलमार्ग का उल्लेख किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है।

बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। इसके जरिए जहाज लाल सागर और स्वेज नहर की दिशा में आवाजाही करते हैं। इस क्षेत्र में सुरक्षा बिगड़ने पर व्यापारिक जहाजों के आवागमन और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति मार्गों पर असर पड़ने की आशंका हो सकती है।

यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा का मुद्दा लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। जब किसी अहम जलमार्ग के आसपास हमले या सुरक्षा संबंधी खतरे सामने आते हैं, तो इसका असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, जहाजों की आवाजाही और माल की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।

भारत की ओर से दिए गए बयान में सऊदी अरब की आर्थिक सुविधाओं पर हमलों और मक्का पर हमले की कोशिश की निंदा दोहराई गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमलों की सटीक तारीख, इस्तेमाल किए गए हथियारों, नुकसान के विस्तृत आंकड़ों या सभी घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।

भारत ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई है। बयान का मुख्य संदेश यह है कि नागरिकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने वाली हिंसा तथा समुद्री आवाजाही के लिए खतरे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि यमन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, और क्या तनाव कम करने के लिए कोई कदम सामने आता है। फिलहाल भारत ने हमलों की निंदा करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता और बाब-अल-मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर अपनी चिंता स्पष्ट कर दी है।

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