Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

“हम नौकरी देते जाएंगे, विपक्ष गिनता जाए…” CM योगी का सपा पर तंज, शिवपाल यादव का भी लिया नाम

लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष पर भी निशाना साधा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार लगातार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार नियुक्ति-पत्र देती जाएगी और विपक्ष इनकी संख्या गिनता जाए। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि अगर विपक्षी गिनती नहीं कर पाएं तो शिवपाल यादव से गिनती सीख लें। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी यह टिप्पणी चर्चा का विषय बनी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान 5,297 युवाओं को नियुक्ति-पत्र दिए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है और युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उनका कहना था कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में नवनियुक्त शिक्षकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। शिक्षकों को विद्यार्थियों को देश के महापुरुषों, इतिहास और वर्तमान घटनाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें सही दिशा देने का प्रयास करना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कथित सैफई सिंडिकेट का भी अपने संबोधन में उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं के अधिकारों के साथ किसी को खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को लेकर सख्त कार्रवाई की बात कही।

नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अब उन्हें अपने पद का ईमानदारी और पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना होगा। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि नियुक्ति के बाद किसी शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य या अन्य कर्मचारी से किसी तरह के लेन-देन की मांग की जाती है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान भी चर्चा में रहे। खास तौर पर समाजवादी पार्टी और विपक्ष को लेकर उनकी टिप्पणी तथा शिवपाल यादव का नाम लिए जाने को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान करना रहा।

3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपने के साथ मुख्यमंत्री ने सरकार की भर्ती नीति, नकल पर रोक, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी। अब नवनियुक्त शिक्षकों के सामने अपने पद की जिम्मेदारियों को निभाने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने की चुनौती होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles