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एशियाई खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन, शूटिंग में पहला गोल्ड तो गुलवीर सिंह ने जीता सिल्वर

नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारत के लिए दिन मिलेजुले नतीजों वाला रहा। निशानेबाजी में सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को शूटिंग का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सुरुचि सिंह और कमलजीत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। लेकिन मिक्स्ड टीम स्पर्धा में दोनों ने जोरदार वापसी की और भारत को निशानेबाजी में लंबे इंतजार के बाद पहला गोल्ड दिला दिया।

निशानेबाजी में भारत को एक और पदक पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में मिला। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने 1762 अंक हासिल करके रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम प्रतियोगिता के एक बड़े हिस्से तक चीन से आगे चल रही थी, लेकिन अंत में उसे दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

ट्रैक एंड फील्ड में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। गुलवीर ने 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकाला। स्वर्ण पदक बहरीन के बिरहानु बालेयू ने जीता, जिन्होंने 28 मिनट 27.51 सेकंड का समय दर्ज किया। गुलवीर ने पिछले एशियाई खेलों में जीते कांस्य पदक को इस बार रजत में बदल दिया।

भारत को शॉटपुट में मनप्रीत कौर ने कांस्य पदक दिलाया। उन्होंने 17.17 मीटर का प्रयास किया। यह 2023 के बाद मनप्रीत का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक बताया गया है। इसके अलावा मिश्रित टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में दीया चितले और मानुष शाह की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता। इन पदकों के साथ भारत की कुल पदक संख्या 22 तक पहुंच गई।

महिला हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। भारतीय टीम ने जापान को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। टीम की नजर अब आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक की दावेदारी मजबूत करने पर है।

हालांकि बैडमिंटन से भारत को बड़ा झटका लगा। गत चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी पहले ही दौर में बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी ने थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन के खिलाफ पहला गेम 21-12 से जीता था, लेकिन थाई जोड़ी ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 और निर्णायक गेम 21-14 से जीत लिया।

मिश्रित युगल में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने लगातार दो मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की जोड़ी से होगा। वहीं महिला एकल में उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर कोरिया की मी सोंग यू को सीधे गेमों में हराया।

स्क्वॉश में भी भारत ने पदकों की उम्मीद मजबूत कर ली है। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंच गई। महिला एकल में अनाहत सिंह ने हमवतन तन्वी खन्ना को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। पुरुष एकल में अभय सिंह ने भी सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस तरह भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने कम से कम तीन पदक पक्के कर लिए हैं।

कबड्डी में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों के फाइनल में जगह बना ली। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराया। वहीं पुरुष टीम ने थाईलैंड को 66-28 से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया। दोनों भारतीय टीमें फाइनल में ईरान का सामना करेंगी।

तैराकी में भारत को निराशा हाथ लगी। अनुभवी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में सातवें स्थान पर रहे। वहीं ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में पदक नहीं जीत सके।

मुक्केबाजी में भारत के सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। हालांकि पिछले सत्र की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार का सफर समाप्त हो गया।

तलवारबाजी में भी भारत को सफलता नहीं मिली। पुरुषों की फॉइल टीम को हांगकांग के हाथों 27-45 से हार मिली, जबकि महिलाओं की ईपी टीम उज्बेकिस्तान से 29-45 से हारकर राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गई।

कुल मिलाकर एशियाई खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी का पहला स्वर्ण, गुलवीर सिंह का रजत, स्क्वॉश में पक्के पदक और कबड्डी की दोनों टीमों का फाइनल में पहुंचना बड़ी खबरें रहीं। वहीं सात्विक और चिराग की हार तथा कुछ अन्य खेलों में पदक से चूकना भारतीय दल के लिए निराशाजनक रहा। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर फाइनल मुकाबलों और आगामी स्पर्धाओं में पदकों की संख्या बढ़ाने पर है।

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