दिल्ली के तिलक नगर में 21 साल की कंटेंट क्रिएटर मुस्कान शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 25 सितंबर को तीस हजारी कोर्ट में दाखिल की गई 300 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने हत्या से जुड़े कई अहम तथ्यों का जिक्र किया है। मामले में इमरान को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि दिग्विजय पर कथित तौर पर उसकी मदद करने और बाद में उसे पनाह देने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मुस्कान की हत्या उसके घर के अंदर चाकू से हमला करके की गई थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि जिस समय इमरान कथित तौर पर मुस्कान पर हमला कर रहा था, उस वक्त उसका दोस्त दिग्विजय घर के बाहर इंतजार कर रहा था। पुलिस का आरोप है कि घटना के बाद दिग्विजय ने इमरान को वहां से निकलने में मदद की और बाद में उसे पनाह भी दी।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए। अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट 300 से ज्यादा पन्नों की बताई जा रही है, जिसमें करीब 30 से 40 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इन बयानों और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की कथित भूमिका को चार्जशीट में दर्ज किया है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही था कि मुस्कान की हत्या के वक्त घर के आसपास कौन मौजूद था और वारदात के बाद आरोपी कहां गया। पुलिस की चार्जशीट में दावा किया गया है कि दिग्विजय की भूमिका सिर्फ घटना के दौरान बाहर इंतजार करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि बाद में उसने मुख्य आरोपी को कथित तौर पर पनाह भी दी।
जांच एजेंसियों ने इस पूरे घटनाक्रम को जोड़ने के लिए गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का सहारा लिया है। हालांकि चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और आरोपियों के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि अदालत के फैसले के बाद ही तय होगी।
मुस्कान शर्मा की हत्या ने दिल्ली के तिलक नगर इलाके में भी सनसनी फैला दी थी। एक युवा कंटेंट क्रिएटर की घर के अंदर हत्या की खबर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद जांच में सामने आए दावों की जानकारी अदालत के रिकॉर्ड का हिस्सा बन गई है।
इस मामले में अब आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चलेगी। अभियोजन पक्ष चार्जशीट में दर्ज आरोपों और सबूतों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा, जबकि आरोपियों को अपना बचाव करने का पूरा कानूनी अधिकार है। अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।
फिलहाल पुलिस की चार्जशीट में सामने आई कहानी ने मामले को एक नया मोड़ दिया है। घर के अंदर हुई कथित हत्या, बाहर इंतजार करने वाले दोस्त की भूमिका और वारदात के बाद आरोपी को कथित पनाह दिए जाने जैसे बिंदु अब अदालत की सुनवाई में महत्वपूर्ण रहेंगे। हालांकि इन सभी आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।


