संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के बीच अहम मुलाकात हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और तनाव जारी है। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, यूक्रेन युद्ध और इन संघर्षों के ग्लोबल साउथ पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा हुई।
एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल सप्ताह के दौरान न्यूयॉर्क में विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की।
इस मुलाकात में मौजूदा वैश्विक संघर्षों के अलावा बहुपक्षवाद और भारत-यूएन सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर विचार साझा किए।
बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। क्षेत्र में जारी तनाव का असर सिर्फ संबंधित देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा, व्यापार, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में संघर्षों को कम करने और स्थिरता बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा हुई।
यूक्रेन युद्ध भी बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। लंबे समय से जारी इस संघर्ष ने यूरोप के साथ-साथ दुनिया के कई अन्य हिस्सों को भी प्रभावित किया है। भारत लगातार वैश्विक स्तर पर संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्षों के समाधान की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।
जयशंकर और गुटेरेस की बातचीत में ग्लोबल साउथ का मुद्दा भी खास तौर पर सामने आया। ग्लोबल साउथ में एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अन्य विकासशील देशों का बड़ा हिस्सा शामिल है। वैश्विक संघर्षों और आर्थिक अस्थिरता का इन देशों पर खाद्य, ऊर्जा, वित्त और विकास के स्तर पर असर पड़ सकता है।
जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात हुई और बातचीत मौजूदा संघर्षों तथा उनके प्रभाव को कम करने की आवश्यकता पर केंद्रित रही। खासतौर पर ग्लोबल साउथ पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा हुई।
भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच सहयोग भी इस बैठक का हिस्सा रहा। बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत के सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।
भारत लंबे समय से बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में अधिक महत्व दिए जाने की बात करता रहा है। ऐसे में ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे भारत की विदेश नीति में भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
जयशंकर की यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल सप्ताह के दौरान हुई, जहां दुनिया के विभिन्न देशों के नेता और वरिष्ठ प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। पश्चिम एशिया, यूक्रेन, बहुपक्षवाद और विकासशील देशों पर वैश्विक संकटों के प्रभाव जैसे विषय इस समय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
फिलहाल जयशंकर और गुटेरेस की बैठक से यह स्पष्ट है कि भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच मौजूदा वैश्विक संघर्षों तथा उनके व्यापक प्रभावों को लेकर संवाद जारी है। खासकर ग्लोबल साउथ पर पड़ने वाले असर को कम करना और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल रहा।


