पहले मुकाबले में चार विकेट महज 19 रन पर गिर गए, टीम इंडिया मुश्किल में फंस गई और फिर दो बल्लेबाजों ने शानदार साझेदारी करके मैच का रुख पलट दिया। अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरेगी। इस बार सबसे बड़ी नजर कप्तान स्मृति मंधाना और शीर्ष क्रम की बल्लेबाजों पर रहेगी, जो पिछले मैच की गलतियों को सुधारकर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगी। भारत के सामने सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका है, जबकि जिम्बाब्वे की टीम पिछले मैच से मिली सीख के साथ मैदान पर उतरेगी।
पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। बल्लेबाजों की नाकामी के कारण भारत ने अपने चार विकेट केवल 19 रन पर गंवा दिए थे। कप्तान स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, अनुष्का शर्मा और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया और ऐसा लगने लगा कि मुकाबला उसके हाथ से निकल सकता है।
हालांकि, इसके बाद पदार्पण कर रहीं निक्की प्रसाद और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने 82 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी करके भारत को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाला। निक्की ने दबाव के बीच संयम दिखाया, जबकि दीप्ति ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। इस साझेदारी की बदौलत भारतीय महिला टीम ने पहला मुकाबला चार विकेट से अपने नाम किया।
मैच के बाद दीप्ति शर्मा ने माना कि क्रिकेट में ऐसे मौके आते हैं, जब विपक्षी टीम हावी हो जाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम आक्रामक क्रिकेट खेलना चाहती थी, लेकिन मैच के दौरान परिस्थितियां हमेशा योजना के मुताबिक नहीं रहतीं। दीप्ति को भरोसा है कि पहले मैच में हुई गलतियों से टीम सीखेगी और अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
निक्की प्रसाद का प्रदर्शन भारत के लिए सबसे सकारात्मक पहलुओं में से एक रहा। अपने पहले मैच में उन्होंने जिस तरह दबाव का सामना किया, उससे उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास की झलक मिली। दीप्ति शर्मा ने भी निक्की की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा नहीं लगा कि वह अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही हैं। दूसरे मुकाबले में भी टीम को निक्की से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
कप्तान स्मृति मंधाना के लिए भी यह मुकाबला महत्वपूर्ण रहने वाला है। पूर्णकालिक कप्तान के रूप में अपने पहले मैच में वह बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ सकीं। अब उनकी कोशिश होगी कि वह जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करें और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएं। शेफाली वर्मा, अनुष्का शर्मा और हरमनप्रीत कौर भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहेंगी, क्योंकि शीर्ष क्रम की मजबूत शुरुआत आगे के बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां आसान बना सकती है।
दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम भी दूसरे मैच में वापसी करने की कोशिश करेगी। पहले मुकाबले में उसकी गेंदबाज न्याशा ग्वांजुरा ने पावरप्ले के दौरान तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर किया था। जिम्बाब्वे को उम्मीद होगी कि ग्वांजुरा एक बार फिर ऐसा ही प्रदर्शन करें। बल्लेबाजी में केलिस नधलोवु और शार्ने मेयर्स ने पहले मैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। टीम को उनसे दोबारा अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
पहले मैच में भारतीय गेंदबाजों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था और जिम्बाब्वे को पांच विकेट पर 114 रन तक सीमित रखा था। अब दूसरे मुकाबले में भारत की कोशिश बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर तालमेल दिखाने की होगी। यह मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा। रायपुर में होने वाले इस मुकाबले में देखना दिलचस्प होगा कि स्मृति मंधाना की अगुवाई में भारतीय टीम अपनी पिछली गलतियों से कितना सीखती है और जिम्बाब्वे की टीम सीरीज में वापसी के लिए किस तरह चुनौती पेश करती है।


