Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

लॉरेंस बिश्नोई: जेल में बैठकर चलाता है गैंग, सेलेब्स निशाने पर; वसूली से हथियार तस्करी तक फैला नेटवर्क

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले की खबर के बाद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम एक बार फिर चर्चा में है। लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप है कि वह जेल में बंद होने के बावजूद अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित करता है और उसके गुर्गे बाहर रहकर कथित तौर पर वारदातों को अंजाम देते हैं। वसूली, धमकी, हथियारों की तस्करी और हत्या जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में उसका नाम सामने आता रहा है। हालांकि, किसी विशेष हमले में उसकी भूमिका की पुष्टि जांच और आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है। लॉरेंस बिश्नोई का आपराधिक नेटवर्क देश के अलग-अलग राज्यों से लेकर विदेशों में मौजूद सहयोगियों तक फैला होने का दावा जांच एजेंसियां करती रही हैं। इस नेटवर्क से जुड़े कुछ आरोपी विदेश में रहकर कथित तौर पर गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करते हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर मौजूद गुर्गों पर धमकी देने, रंगदारी वसूलने और हिंसक वारदातों को अंजाम देने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक पुलिसकर्मी के परिवार से आने वाला युवक देश के चर्चित गैंगस्टरों में कैसे शामिल हो गया? लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1990 को पंजाब में हुआ था। उसका मूल नाम बालकरन बराड़ बताया जाता है, जबकि अपराध की दुनिया में वह लॉरेंस बिश्नोई के नाम से पहचाना जाने लगा। उसके पिता पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। यह एक दिलचस्प तथ्य है कि लॉरेंस की तुलना कई बार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी की जाती है, जिसके पिता भी पुलिस विभाग में कार्यरत थे। हालांकि, दोनों के अपराध नेटवर्क, गतिविधियों और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं। लॉरेंस बिश्नोई की पहचान छात्र राजनीति के दौर में भी सामने आई। बताया जाता है कि कॉलेज के दिनों में उसका विवादों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ाव बढ़ा। समय के साथ उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होते गए और उसका नाम पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली तथा अन्य राज्यों में सक्रिय अपराधियों के साथ जुड़ता चला गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसके नेटवर्क पर रंगदारी वसूलने, कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों को धमकाने तथा विरोधियों पर हमले कराने जैसे आरोप हैं। इस गैंग का नाम मनोरंजन जगत की कुछ हस्तियों को धमकियां दिए जाने के मामलों में भी सामने आया है। ऐसे मामलों ने फिल्म उद्योग और सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद रहा है। जेल में रहते हुए भी उसके नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियां लगातार पड़ताल करती रही हैं। हालांकि, जेल से किसी वारदात की साजिश रचने या उसे निर्देश देने से संबंधित प्रत्येक आरोप को अलग-अलग मामले के तथ्यों और जांच के आधार पर देखना जरूरी है। गैंग के नेटवर्क में विदेश में मौजूद कथित सहयोगियों की भूमिका भी जांच का विषय रही है। आधुनिक संचार माध्यमों और अलग-अलग राज्यों में फैले संपर्कों के कारण ऐसे आपराधिक नेटवर्क की जांच करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा, अवैध हथियारों की उपलब्धता और आपराधिक गिरोहों के बीच प्रतिस्पर्धा हिंसक घटनाओं का खतरा बढ़ाती है। लॉरेंस बिश्नोई का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आने के कारण वह देश के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में गिना जाता है। लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराधों के बीच अंतर करना भी जरूरी है। टाइगर श्रॉफ पर हमले से जुड़े मामले में भी जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे कौन था और क्या किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी। फिलहाल, लॉरेंस बिश्नोई के कथित नेटवर्क, उसके सहयोगियों और विभिन्न आपराधिक मामलों में उसकी भूमिका को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच और कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण बनी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles