एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में भारत की शीतल देवी और स्वाति चौधरी ने अपने बेहतरीन निशाने से इतिहास रच दिया। शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग दौर में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जबकि स्वाति चौधरी ने 648 अंक जुटाकर नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से भारतीय तीरंदाजी टीम की पदक उम्मीदों को मजबूती मिली है। सबसे पहले बात करते हैं शीतल देवी की, जिन्होंने अपने सटीक निशाने और बेहतरीन प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग दौर में शीतल ने कुल 704 अंक हासिल किए। इस स्कोर के साथ उन्होंने तुर्किये की ओजनुर क्योर के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। शीतल ने प्रतियोगिता के दोनों हिस्सों में 352-352 अंक हासिल किए। उनके निशाने पर 32 बार एक्स और 25 बार 10 अंक आए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने रैंकिंग दौर में पहला स्थान हासिल किया। शीतल देवी ने न केवल विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, बल्कि अपना ही एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर कर दिया। उन्होंने मार्च में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान 698 अंक हासिल किए थे। अब 704 अंकों के साथ उन्होंने अपने पुराने प्रदर्शन में छह अंकों का सुधार किया। इसके अलावा, उन्होंने 2023 में हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में बनाए गए 680 अंकों के अपने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। वहीं, स्वाति चौधरी ने अपने पहले एशियाई पैरा खेल में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया। महिलाओं के रैंकिंग दौर में स्वाति ने कुल 648 अंक हासिल किए। उन्होंने पहले हिस्से में 332 और दूसरे हिस्से में 316 अंक बनाए। उनके निशाने पर नौ बार एक्स और 14 बार 10 अंक आए। स्वाति का यह स्कोर 2023 में हांगझोऊ में चीन की मिनयी चेन द्वारा बनाए गए 627 अंकों के एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड से काफी बेहतर रहा। इस तरह स्वाति ने अपने पहले ही एशियाई पैरा खेल में रिकॉर्ड बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम की पायल नाग ने भी महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने रैंकिंग दौर में 675 अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं। पायल ने पहले हिस्से में 334 और दूसरे हिस्से में 341 अंक बनाए। उनके खाते में 12 एक्स और 20 बार 10 अंक दर्ज हुए। शीतल देवी और पायल नाग ने मिलकर महिलाओं के कंपाउंड युगल रैंकिंग दौर में कुल 1,379 अंक हासिल किए और शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। इस संयुक्त स्कोर में शीतल देवी का योगदान 704 और पायल नाग का 675 अंक रहा। पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग दौर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया। भारत के हरविंदर सिंह ने 631 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने पहले हिस्से में 310 और दूसरे हिस्से में 321 अंक बनाए। उनके निशाने पर आठ बार एक्स और 13 बार 10 अंक आए। वहीं, विजय सुंडी ने 630 अंक हासिल कर सातवां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने पहले हिस्से में 318 और दूसरे हिस्से में 312 अंक बनाए। उनके खाते में छह एक्स और 13 बार 10 अंक दर्ज हुए। गौरतलब है कि तीरंदाजी में रैंकिंग दौर का प्रदर्शन आगे के मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों की वरीयता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में शीतल देवी और स्वाति चौधरी के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन ने भारतीय दल का मनोबल बढ़ाया है। अब सभी की नजरें आगामी मुकाबलों पर हैं, जहां भारतीय तीरंदाज अपने शानदार प्रदर्शन को पदकों में बदलने की कोशिश करेंगे।


