दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई का सिलसिला तेज हो जाता है। कोई खिड़कियों के शीशे चमकाने में जुटा है, तो कोई रसोई के जिद्दी दाग और चिकनाई हटाने में लगा है। ऐसे में घर की सफाई के लिए महंगे उत्पाद खरीदने के बजाय रसोई में मौजूद एक आम चीज आपके काम आ सकती है। जी हां, चाय बनाने के बाद बचने वाली चायपत्ती को फेंकने के बजाय सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। सही तरीके से उपयोग करने पर यह खिड़कियों के शीशे, कांच के बर्तन, किचन सिंक और चिकनाई वाले बर्तनों की सफाई में मदद कर सकती है।
भारत में सुबह और शाम चाय पीने का चलन आम है। लगभग हर घर में चाय बनती है और इसके बाद इस्तेमाल की गई चायपत्ती बच जाती है। आमतौर पर इसे कूड़े में फेंक दिया जाता है, लेकिन दिवाली की सफाई के दौरान इसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसके उपयोग से पहले चायपत्ती को अच्छी तरह धोना जरूरी है, ताकि उसमें बचा दूध और चीनी निकल जाए।
खिड़कियों के शीशों की सफाई के लिए सबसे पहले इस्तेमाल की गई चायपत्ती को साफ पानी से धो लें। इसके बाद इसे सादे पानी में डालकर लगभग तीन मिनट तक उबालें। पानी को छानकर ठंडा होने दें। अब इस पानी को साफ कपड़े की मदद से शीशों पर लगाएं और फिर सूखे, मुलायम कपड़े से पोंछ दें। इससे हल्की गंदगी हटाने में मदद मिल सकती है। ध्यान रखें कि शीशे पर चायपत्ती का गाढ़ा पानी या कोई अवशेष न रह जाए, क्योंकि इससे निशान पड़ सकते हैं।
अगर घर में कांच के बर्तन रखे हैं और उन पर धब्बे दिखाई दे रहे हैं, तो चायपत्ती के उबले पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पहले चायपत्ती को अच्छी तरह धोकर दो से तीन मिनट तक पानी में उबालें। इसके बाद पानी छानकर ठंडा कर लें। जरूरत पड़ने पर इसमें थोड़ा डिशवॉश लिक्विड मिलाया जा सकता है। अब स्पंज या मुलायम स्क्रब की सहायता से कांच के बर्तनों को साफ करें और अंत में साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इससे बर्तनों पर जमी हल्की गंदगी हटाने में सहायता मिल सकती है।
दिवाली की सफाई में किचन सिंक को साफ करना भी एक बड़ी चुनौती होती है। सिंक में तेल, चिकनाई और खाने-पीने की चीजों के अवशेष जमा हो जाते हैं। इसके लिए धुली हुई चायपत्ती को पानी में उबालकर छान लें। ठंडा होने के बाद इसमें थोड़ा डिशवॉश लिक्विड मिलाया जा सकता है। चिकनाई अधिक होने पर उपयुक्त सतह के लिए बेकिंग सोडा का अलग से इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मिश्रण को सिंक पर लगाकर मुलायम स्क्रब से रगड़ें और फिर साफ पानी से धो दें। सफाई के दौरान ब्लीच या अन्य तेज रसायनों के साथ अलग-अलग घरेलू मिश्रण मिलाने से बचें।
कड़ाही, पैन और दूसरे बर्तनों पर जमी चिकनाई हटाने के लिए भी इस्तेमाल की गई चायपत्ती को उपयोग में लाया जा सकता है। चायपत्ती को अच्छी तरह धोकर बर्तन पर फैली चिकनाई वाले हिस्से पर हल्के हाथ से रगड़ें। इसके बाद बर्तन को सामान्य डिशवॉश लिक्विड से धो लें। हालांकि, नॉन-स्टिक बर्तनों पर खुरदरे स्क्रब या चायपत्ती के कणों से रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी परत खराब हो सकती है।
लकड़ी के फर्नीचर की सफाई करते समय थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। चाय के पानी में मौजूद रंग लकड़ी पर दाग छोड़ सकता है। यदि आप इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो धुली हुई चायपत्ती को पानी में उबालकर अच्छी तरह छान लें। पानी ठंडा होने के बाद उसमें थोड़ी मात्रा में सिरका मिलाया जा सकता है, लेकिन इसे सीधे पूरे फर्नीचर पर लगाने के बजाय पहले किसी छिपे हुए छोटे हिस्से पर जांच लें। यदि रंग या चमक में बदलाव न हो, तभी साफ सूती कपड़े से सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। पॉलिश की गई या नाजुक लकड़ी पर ऐसा प्रयोग करने से बचना बेहतर है।
कुल मिलाकर, दिवाली की सफाई में इस्तेमाल की गई चायपत्ती का दोबारा उपयोग एक आसान घरेलू उपाय हो सकता है। हालांकि, यह हर तरह के दाग और चिकनाई को हटाने की गारंटी नहीं देती। बेहतर परिणाम के लिए सतह के अनुसार सही सफाई सामग्री का इस्तेमाल करें और किसी भी नए मिश्रण को पहले छोटे हिस्से पर जांच लें। इससे सफाई करते समय सतह को नुकसान पहुंचने का खतरा कम रहेगा और रसोई में बची चायपत्ती का उपयोग भी हो सकेगा।

