त्योहारी सीजन में कारों की बढ़ती मांग का फायदा वाहन निर्माता कंपनी किया इंडिया को मिला है। कंपनी ने अक्टूबर 2026 में घरेलू बाजार में 33,462 गाड़ियों की थोक बिक्री करके अब तक का अपना सबसे बड़ा मासिक बिक्री रिकॉर्ड दर्ज किया है। यह आंकड़ा कंपनी के भारतीय बाजार में कारोबार शुरू करने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा मासिक बिक्री आंकड़ा बताया जा रहा है। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने 29,556 गाड़ियां बेची थीं। इस तरह अक्टूबर 2026 में सालाना आधार पर बिक्री में 13.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह है कि कंपनी ने लगातार दूसरे महीने अपना पुराना बिक्री रिकॉर्ड तोड़ा है। इससे पहले सितंबर 2026 में किया इंडिया ने 32,017 गाड़ियों की बिक्री की थी, लेकिन अक्टूबर में कंपनी ने इस आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया।
किया इंडिया की बिक्री के आंकड़ों में सबसे ज्यादा चर्चा जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच हुई कुल बिक्री को लेकर हो रही है। इन दस महीनों में कंपनी ने कुल 2,86,470 गाड़ियों की थोक बिक्री की है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह 21.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कंपनी ने साल 2025 के पूरे बारह महीनों में जितनी गाड़ियां बेची थीं, उससे अधिक बिक्री इस साल के शुरुआती दस महीनों में ही कर ली है। साल 2025 में किया इंडिया की कुल बिक्री 2,80,286 इकाई रही थी, जबकि अक्टूबर 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 2,86,470 इकाई पहुंच गया। यानी कंपनी ने पिछले साल की पूरी बिक्री को पीछे छोड़ दिया है और अभी साल के दो महीने बाकी हैं।
कंपनी की इस शानदार बिक्री में सेल्टोस और सोनेट जैसे लोकप्रिय मॉडलों की अहम भूमिका रही है। अक्टूबर महीने में सेल्टोस की 13,000 से ज्यादा इकाइयां बिकीं। जनवरी 2026 में इसके नए संस्करण की शुरुआत के बाद से हर महीने इसकी औसत बिक्री 10,000 इकाइयों से अधिक बनी हुई है। इससे पता चलता है कि मध्यम आकार की एसयूवी श्रेणी में सेल्टोस की मांग लगातार बनी हुई है। वहीं सोनेट भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मॉडल साबित हो रही है। ग्राहकों के बीच इन दोनों गाड़ियों की लोकप्रियता ने त्योहारी सीजन में कंपनी की बिक्री को मजबूती देने में योगदान दिया।
किया इंडिया की कैरेंस श्रृंखला ने भी अक्टूबर की बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कंपनी के कैरेंस और कैरेंस क्लैविस मॉडल ग्राहकों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं। इन दोनों मॉडलों के सीएनजी संस्करणों की बिक्री ने भी कंपनी को मजबूती दी है। अक्टूबर में इनकी सीएनजी श्रेणी की गाड़ियों का कंपनी की कुल बिक्री में करीब 10 प्रतिशत हिस्सा रहा। यह आंकड़ा बताता है कि ग्राहक अब केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कम खर्च वाले वैकल्पिक ईंधन विकल्पों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों और रोजाना वाहन चलाने के खर्च को देखते हुए सीएनजी गाड़ियों की मांग वाहन बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में सामने आ रही है।
कंपनी ने अपनी सोरेंटो एसयूवी को लेकर भी ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही है। यह गाड़ी हाइब्रिड और डीजल इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध बताई गई है। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों को इसकी तकनीक, सुविधाएं और हाइब्रिड इंजन से मिलने वाला बेहतर ईंधन औसत पसंद आ रहा है। हालांकि, भारतीय बाजार में अलग-अलग मॉडलों की उपलब्धता और बिक्री से जुड़े आंकड़ों को समझते समय कंपनी की ओर से दी गई जानकारी और वास्तविक बाजार बिक्री के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में भी अक्टूबर का महीना किया इंडिया के लिए खास रहा। कंपनी ने एक महीने में अब तक की सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री दर्ज की। सितंबर की तुलना में अक्टूबर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इस वृद्धि में साइरोस ईवी और कैरेंस क्लैविस ईवी का योगदान बताया गया है। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर रुचि बढ़ रही है। कंपनी अब पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे अलग-अलग विकल्पों के जरिए ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने की रणनीति पर काम कर रही है।
किया इंडिया के बिक्री और विपणन विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल सूद ने कहा कि एक महीने के भीतर पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 33,462 गाड़ियों की बिक्री करना ग्राहकों के भरोसे और कंपनी के उत्पादों की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग और पुराने तथा नए मॉडलों की अच्छी बिक्री से कंपनी को फायदा मिला है। उनके मुताबिक, सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी की अलग-अलग ईंधन विकल्पों वाली रणनीति को मजबूती प्रदान कर रही है।
भारतीय वाहन बाजार में इस समय एसयूवी की मांग लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को लेकर भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। ऐसे माहौल में किया इंडिया की अक्टूबर की रिकॉर्ड बिक्री और दस महीनों में 2025 की कुल बिक्री को पीछे छोड़ना कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नवंबर और दिसंबर में कंपनी अपनी बिक्री की रफ्तार कितनी बनाए रख पाती है और साल 2026 के अंत तक कुल बिक्री का आंकड़ा कहां पहुंचता है।


