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अतीक अहमद के बेटे असद का अंत: 50 दिन तक पीछा, झांसी में STF का ऑपरेशन और एनकाउंटर की पूरी कहानी

माफिया डॉन और पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में उसके बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार फिर चर्चा में आ गया। इससे पहले अप्रैल 2023 में अतीक के तीसरे बेटे असद अहमद का उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ हुए एनकाउंटर में अंत हुआ था। यह कार्रवाई उमेश पाल हत्याकांड के बाद करीब 50 दिनों तक चली तलाश का नतीजा थी। पुलिस के अनुसार, असद और उसका साथी गुलाम लंबे समय से फरार थे और उन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर संदीप निषाद तथा राघवेंद्र सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल वर्ष 2005 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। वारदात के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने असद अहमद की पहचान कथित शूटरों में की। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया।

पुलिस और एसटीएफ ने लगभग डेढ़ महीने तक लगातार असद और उसके साथियों की तलाश की। जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में दबिश दी, तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, दोनों लगातार ठिकाने बदल रहे थे ताकि गिरफ्तारी से बच सकें।

13 अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ को झांसी में असद और उसके साथी गुलाम की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद दोनों की घेराबंदी की गई। पुलिस का दावा है कि रोकने का प्रयास करने पर दोनों ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में असद अहमद और गुलाम मारे गए। पुलिस ने मौके से विदेशी निर्मित हथियार, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया था।

उस समय एसटीएफ अधिकारियों ने कहा था कि दोनों उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी थे और लंबे समय से कानून से बचने की कोशिश कर रहे थे। इस एनकाउंटर के बाद प्रदेश में इसे लेकर व्यापक राजनीतिक और कानूनी बहस भी हुई। कुछ पक्षों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

एनकाउंटर के ठीक दो दिन बाद, यानी 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय पुलिस हिरासत में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा और अतीक परिवार पर लगातार आई त्रासदियों की चर्चा तेज हो गई।

अब, आबान की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद एक बार फिर अतीक अहमद के परिवार की घटनाएं चर्चा में हैं। हालांकि, असद अहमद का एनकाउंटर उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित पुलिस अभियानों में गिना जाता है, जिसे पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया था।

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