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अयोध्या में सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहना जरूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने करीब तीन घंटे के दौरे के दौरान धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अयोध्या पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने संतों के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और विभिन्न अवसरों पर श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित की।

अयोध्या में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन परंपरा और राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं की रक्षा और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाए रखने के लिए समाज का एकजुट रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का भी उल्लेख किया और कहा कि यह भूमि देश की आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान संभल में हुई हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में हुई हिंसक घटना के बाद राज्य सरकार की ओर से शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक स्थानों से कथित अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई करना भी है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए और समाज में शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन के साथ संतों और धार्मिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। उनके कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे।

मुख्यमंत्री के अयोध्या पहुंचने के दौरान राम जन्मभूमि परिसर और हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की मौजूदगी भी रही। मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के दौरान प्रदेश और देश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और संतों से मुलाकात की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा को लेकर कहा कि इसके संरक्षण के लिए सामाजिक एकता जरूरी है। उन्होंने अयोध्या को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राम जन्मभूमि से जुड़ी आस्था करोड़ों लोगों के विश्वास का केंद्र है।

योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। खासतौर पर संभल हिंसा का उल्लेख किए जाने को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और शांति बहाली से जोड़कर पेश किया।

अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का कार्यक्रम धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ संतों और सामाजिक प्रतिनिधियों से संवाद पर भी केंद्रित रहा। करीब तीन घंटे के दौरे के बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस दौरे में अयोध्या की धार्मिक पहचान, सनातन परंपरा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। उनके संभल वाले बयान के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की संभावना भी बढ़ गई है।

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