दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के आयोजन स्थल में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने बड़ा बदलाव किया है। अब टूर्नामेंट का फाइनल बेंगलुरु के बजाय चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। पांच दिवसीय फाइनल मुकाबले की शुरुआत 6 सितंबर से होगी। वेन्यू बदलने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब बेंगलुरु में होने वाले क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में आम दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार ही खेले जाएंगे। हालांकि, सरकारी प्रतिबंधों के कारण इन मुकाबलों में आम दर्शकों को मैदान में जाकर मैच देखने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में बोर्ड ने फाइनल को चेन्नई स्थानांतरित करने का फैसला किया है, ताकि क्रिकेट फैंस स्टेडियम में बैठकर इस बड़े मुकाबले का आनंद ले सकें।
चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के प्रमुख मैदानों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रशंसकों के पहुंचने की उम्मीद रहती है। ऐसे में फाइनल के लिए चेन्नई को चुनने से मुकाबले का माहौल भी बेहतर होने की उम्मीद है। बीसीसीआई का यह फैसला मैदान पर दर्शकों की मौजूदगी और घरेलू क्रिकेट की लोकप्रियता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बार दलीप ट्रॉफी का आयोजन 23 अगस्त से शुरू होगा। यह लाल गेंद से खेला जाने वाला बहुदिवसीय अंतर-क्षेत्रीय टूर्नामेंट है, जिसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। पहले क्वार्टर फाइनल में पूर्व क्षेत्र का सामना पूर्वोत्तर क्षेत्र से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में उत्तर क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र की टीमें आमने-सामने होंगी।
दोनों क्वार्टर फाइनल मुकाबले चार-चार दिन के होंगे और इनकी शुरुआत 23 अगस्त से होगी। इसके बाद 30 अगस्त से दोनों सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। सेमीफाइनल में जीत हासिल करने वाली दोनों टीमें फाइनल के लिए चेन्नई पहुंचेंगी। इसके बाद 6 सितंबर से एमए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।
दलीप ट्रॉफी को भारतीय घरेलू क्रिकेट में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस टूर्नामेंट में देश के कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ उभरते हुए क्रिकेटरों को भी लाल गेंद के प्रारूप में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। खासकर टेस्ट क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने और नए प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की पहचान करने में इस टूर्नामेंट की अहम भूमिका रहती है।
घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए दलीप ट्रॉफी एक बड़ा मंच होती है। यहां खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों और मजबूत विरोधियों के खिलाफ लंबे समय तक बल्लेबाजी और गेंदबाजी करने का मौका मिलता है। इसी वजह से भारतीय टेस्ट टीम के लिए संभावित खिलाड़ियों पर नजर रखने के लिहाज से भी यह टूर्नामेंट महत्वपूर्ण माना जाता है।
बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के प्रसारण को लेकर भी जानकारी दी है। दलीप ट्रॉफी के सभी मुकाबलों का इंटरनेट के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा कुछ चुनिंदा मुकाबलों को टेलीविजन पर भी प्रसारित किया जाएगा। फाइनल मुकाबला भी टीवी पर दिखाया जाएगा, जिससे देशभर के क्रिकेट प्रशंसक इस खिताबी मुकाबले का आनंद ले सकेंगे।
बेंगलुरु में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले दर्शकों की गैरमौजूदगी में खेले जाने के बावजूद टूर्नामेंट का फाइनल चेन्नई में दर्शकों के सामने कराया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को भी बड़े मुकाबले में दर्शकों के समर्थन का अनुभव मिलेगा और फाइनल का रोमांच बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले संस्करण की बात करें तो मध्य क्षेत्र दलीप ट्रॉफी का मौजूदा चैंपियन है। उसने पिछले साल फाइनल में दक्षिण क्षेत्र को हराकर खिताब अपने नाम किया था। अब मध्य क्षेत्र की नजर एक बार फिर ट्रॉफी पर होगी, जबकि बाकी क्षेत्रीय टीमें उसे कड़ी चुनौती देने के लिए मैदान में उतरेंगी।
कुल मिलाकर, फाइनल का बेंगलुरु से चेन्नई स्थानांतरण क्रिकेट प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर माना जा रहा है। जहां बेंगलुरु में सरकारी प्रतिबंधों के कारण दर्शक मुकाबले नहीं देख पाएंगे, वहीं चेन्नई में फाइनल के दौरान फैंस स्टेडियम में मौजूद रह सकेंगे। अब सभी की नजर 23 अगस्त से शुरू होने वाले टूर्नामेंट पर होगी और देखना दिलचस्प होगा कि इस बार दलीप ट्रॉफी का खिताब कौन सी टीम अपने नाम करती है।


