भारतीय क्रिकेट टीम के युवा स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर सारांश जैन ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में अपना पदार्पण किया। मैच से पहले अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने उन्हें टेस्ट कैप सौंपी और इस खास मौके पर उनका हौसला बढ़ाया। जडेजा ने सारांश को सलाह दी कि वह भारत के लिए खेलने का दबाव न लें और इस मुकाबले को एक और प्रथम श्रेणी मैच की तरह खेलें।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से साझा किए गए वीडियो में जडेजा सारांश को टेस्ट कैप नंबर 320 सौंपते हुए नजर आए। जडेजा ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक की गई मेहनत और लगातार अच्छे प्रदर्शन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है, इसलिए सारांश को इस ऐतिहासिक पल का दबाव लेने के बजाय इसका आनंद लेना चाहिए।
जडेजा ने सारांश से कहा कि जिस तरह उन्होंने रणजी ट्रॉफी और भारत ए के लिए खेलते हुए प्रदर्शन किया है, उसी आत्मविश्वास के साथ टेस्ट क्रिकेट में भी खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुकाबला भी एक प्रथम श्रेणी मैच की तरह समझकर खेलें और अपनी स्वाभाविक शैली पर भरोसा रखें।
अनुभवी ऑलराउंडर ने सारांश को यह भी भरोसा दिलाया कि टीम के बाकी खिलाड़ी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि मैदान पर उनके साथ कई खिलाड़ी मौजूद हैं, जो हर परिस्थिति में उनका समर्थन करेंगे। इसलिए उन्हें अनावश्यक दबाव लेने की जरूरत नहीं है।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में सारांश को कुलदीप यादव की जगह भारतीय प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इसके साथ ही वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले 320वें खिलाड़ी बन गए। मध्य प्रदेश से आने वाले सारांश ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है।
टेस्ट कैप मिलने के बाद सारांश जैन ने रविंद्र जडेजा के प्रति अपनी खुशी और सम्मान जाहिर किया। उन्होंने कहा कि जडेजा खुद एक दिग्गज ऑलराउंडर हैं और उनसे टेस्ट कैप मिलना उनके लिए बेहद खास पल है। सारांश ने यह भी कहा कि वह चाहते थे कि उन्हें किसी ऐसे ऑलराउंडर से टेस्ट कैप मिले, जो उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बन सके।
सारांश ने अपने क्रिकेट करियर में परिवार के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वह भगवान और उसके बाद अपने परिवार का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, उनके पिता उनके सबसे करीबी व्यक्ति हैं और उन्हीं की वजह से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया।
सारांश ने कहा कि वह अपने पिता को सबसे पहले टेस्ट पदार्पण की खबर देना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति की वजह से उन्होंने क्रिकेट शुरू किया, उसके लिए आगे भी खेलते रहना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
सारांश का टेस्ट डेब्यू भारतीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी करने की क्षमता रखने वाले ऑलराउंडर हैं। ऐसे खिलाड़ी टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं और जरूरत के मुताबिक गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकते हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि टेस्ट क्रिकेट में अपने पहले मुकाबले में सारांश जैन कैसा प्रदर्शन करते हैं। हालांकि डेब्यू मैच में प्रदर्शन का दबाव स्वाभाविक होता है, लेकिन रविंद्र जडेजा की सलाह ने युवा खिलाड़ी को आत्मविश्वास जरूर दिया होगा। सारांश के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे उस सपने की शुरुआत है, जिसमें उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने की कल्पना की थी।


