टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड यानी IHCL ने अपनी सहयोगी कंपनी ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड के विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। दोनों कंपनियों के निदेशक मंडलों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है। यह विलय शेयरों के लेनदेन के जरिए किया जाएगा।
प्रस्तावित योजना के तहत ओरिएंटल होटल्स के शेयरधारकों को हर 117 शेयर के बदले IHCL के 25 शेयर दिए जाएंगे। यानी ओरिएंटल होटल्स के मौजूदा शेयरधारकों को IHCL में सीधे हिस्सेदारी मिलेगी और वे टाटा समूह की होटल कंपनी की आगे की विकास यात्रा में भागीदार बनेंगे।
कंपनियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस विलय को वित्त वर्ष 2027-28 की दूसरी छमाही तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इसके लिए कई जरूरी वैधानिक और नियामकीय मंजूरियां हासिल करनी होंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही विलय अंतिम रूप ले सकेगा।
IHCL के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत चटवाल ने कहा कि यह कदम कंपनी की ‘Accelerate 2030’ रणनीति के अनुरूप है। उनके मुताबिक, विलय से समूह की संरचना को सरल बनाने, मूल्य सृजन करने और ओरिएंटल होटल्स के कारोबार की पूरी क्षमता का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।
ओरिएंटल होटल्स पहले से ही IHCL की सहयोगी कंपनी है। कंपनी के पास कुल 825 कमरों वाले सात होटल हैं। ऐसे में विलय के बाद इन होटल परिसंपत्तियों और कारोबार को IHCL के बड़े होटल नेटवर्क के साथ जोड़ने का रास्ता साफ हो सकता है।
कंपनी का मानना है कि इस कदम से होटल कारोबार को एकीकृत तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, शेयरधारकों के लिए भी यह सौदा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ओरिएंटल होटल्स के शेयरधारकों को IHCL के शेयर प्राप्त होंगे।
ओरिएंटल होटल्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ प्रमोद रंजन ने भी विलय को कंपनी के शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक, इस सौदे से शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन हो सकता है और उन्हें IHCL की विकास यात्रा में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, अभी यह सौदा पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। विलय के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं और संबंधित नियामकीय मंजूरियों का इंतजार रहेगा। इन सभी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही दोनों कंपनियों के एकीकरण की प्रक्रिया अंतिम रूप लेगी।
टाटा समूह के होटल कारोबार के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि IHCL लगातार अपने होटल पोर्टफोलियो और नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है। ओरिएंटल होटल्स के साथ विलय से कंपनी के मौजूदा होटल कारोबार को और मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
अब निवेशकों और शेयरधारकों की नजर इस बात पर होगी कि प्रस्तावित शेयर स्वैप और नियामकीय प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है। अगर सभी मंजूरियां समय पर मिलती हैं, तो वित्त वर्ष 2027-28 की दूसरी छमाही तक यह विलय पूरा होने की उम्मीद है।


