मुंबई के फोर्ट इलाके में मशहूर खाने-पीने की जगह Ayub’s को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 22 अगस्त को हुई जांच के बाद की गई, जिसमें अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी कई गंभीर खामियां मिलीं। जांच के दौरान रसोई और खाना तैयार करने वाले क्षेत्रों की स्थिति पर भी सवाल उठे।
FDA की जांच में सबसे अहम खामी यह सामने आई कि कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से अलग करके नहीं रखा गया था। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इनके संपर्क में आने से खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। अधिकारियों ने जांच के दौरान इस व्यवस्था में कमी पाई।
इसके अलावा रेस्टोरेंट के खाना तैयार करने वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। अधिकारियों के मुताबिक वहां गंदगी और स्वच्छता से जुड़ी कई समस्याएं थीं। खाने की जगह पर साफ-सफाई का सीधा संबंध ग्राहकों की सेहत से होता है, इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऐसी कमियों को गंभीरता से लेते हैं।
जांच के दौरान खुले नाले, जमा पानी और मक्खियों की मौजूदगी जैसी समस्याएं भी सामने आईं। रेस्टोरेंट के आसपास पानी जमा होना और खुले नाले जैसी स्थिति खाद्य प्रतिष्ठान के लिए गंभीर चिंता का विषय मानी जाती है। इससे कीड़े-मकौड़ों और दूसरे संक्रमण फैलाने वाले तत्वों का खतरा बढ़ सकता है। मक्खियों की मौजूदगी भी भोजन की स्वच्छता पर सवाल खड़े करती है।
FDA की कार्रवाई सिर्फ साफ-सफाई तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उन्हें रखने के तरीके को लेकर भी कमियां दर्ज कीं। अगर किसी रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थ सही तरीके से स्टोर नहीं किए जाते या उनकी गुणवत्ता को लेकर निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता, तो इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
Ayub’s मुंबई के फोर्ट इलाके में लंबे समय से लोकप्रिय खाने की जगह के तौर पर जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग खाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में फूड लाइसेंस का निलंबन रेस्टोरेंट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर किसी लोकप्रिय और लंबे समय से चल रहे फूड आउटलेट पर इस तरह की कार्रवाई होने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो जाती है।
अब रेस्टोरेंट प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन सभी कमियों को दूर करने की होगी, जिन्हें FDA की जांच में दर्ज किया गया है। साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारने, कच्चे और पके भोजन को अलग रखने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने जैसे मानकों का पालन करना जरूरी होगा।
इस कार्रवाई से मुंबई के दूसरे रेस्टोरेंट और खाने-पीने की जगहों के लिए भी एक संदेश गया है कि खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। लोकप्रियता चाहे कितनी भी हो, ग्राहकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना हर खाद्य प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है।
फिलहाल Ayub’s का फूड लाइसेंस निलंबित किया गया है और आगे की कार्रवाई रेस्टोरेंट की ओर से कमियों को दूर करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने पर निर्भर करेगी। 22 अगस्त की जांच में सामने आई गंदगी, मक्खियां, जमा पानी, खुले नाले और भोजन को सही तरीके से अलग न रखने जैसी कमियों ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब देखना होगा कि रेस्टोरेंट इन खामियों को कितनी जल्दी दूर करता है और खाद्य सुरक्षा विभाग की अगली कार्रवाई क्या होती है।


