मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष और अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में आस्था रखने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति और आस्था को कमजोर करने की कोशिशें पहले भी हुई हैं, लेकिन भारत की सनातन परंपरा और उसकी आस्था को समाप्त नहीं किया जा सका। सीएम योगी ने अपने संबोधन में इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने अयोध्या में लोगों की आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन जो लोग खुद को अजेय समझते थे, वे आज इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भी कुछ लोग बाबर और औरंगजेब की विचारधारा के अनुयायी बनकर समाज में विष घोलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व राष्ट्रविरोधी ताकतों के हौसले बढ़ाने का प्रयास करते हैं और समाज में विभाजन पैदा करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ऐसे मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने अपने संबोधन में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत से भी जुड़ी हुई है।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब धार्मिक स्थलों और उनसे जुड़े ऐतिहासिक दावों को लेकर देश की राजनीति में लगातार बहस होती रही है। मथुरा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली के रूप में करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ में अपने संबोधन के दौरान अयोध्या और काशी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जिन धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों की भावनाएं जुड़ी रहीं, वहां अब विकास और धार्मिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में विकास के साथ-साथ विरासत और आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण और विकास पर भी काम कर रही है। उन्होंने राम, कृष्ण और बाबा विश्वनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान केवल आर्थिक और औद्योगिक विकास से नहीं, बल्कि उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और इन स्थानों का विकास आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाए।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें समाज को बांटने की कोशिश करती हैं और देश की सांस्कृतिक पहचान को लेकर भ्रम पैदा करती हैं। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन की सरकार ऐसे प्रयासों का जवाब विकास, सुशासन और मजबूत कानून व्यवस्था के जरिए दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून व्यवस्था के साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है और सरकार किसी भी ऐसी गतिविधि को सफल नहीं होने देगी जिससे सामाजिक सौहार्द या राष्ट्रीय हित प्रभावित हो।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर राम, कृष्ण, अयोध्या, मथुरा और मुगलकालीन इतिहास से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में जहां अपनी सरकार की धार्मिक आस्था को सामने रखा, वहीं बाबर और औरंगजेब का उल्लेख करते हुए अपने विरोधियों पर वैचारिक हमला किया। उन्होंने कहा कि सनातन आस्था और देश की संस्कृति को कमजोर करने की कोशिशें पहले भी विफल हुई हैं और आगे भी सफल नहीं होंगी। मथुरा से मुख्यमंत्री का यह बयान आने वाले समय में प्रदेश की सियासत में भी चर्चा का विषय बन सकता है।


