जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत के सामने पेश किया गया, जहां कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया। मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, जिसके बाद अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। शुरुआत में दर्ज मामले में बाद में SC-ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है।
बताया जा रहा है कि CJP के प्रदर्शन के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले में SC-ST एक्ट की संबंधित धारा जोड़ी गई थी। इसके अलावा उसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी एक FIR दर्ज की गई है। इन धाराओं के जुड़ने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थन में हिंदू संगठनों के लोग भी सामने आए। बताया गया कि समर्थक पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर जुटे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पुलिस पूरे मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी पक्षों की जांच होनी चाहिए और कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
दूसरी तरफ पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जंतर-मंतर पर हुई घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब जांच एजेंसियों के पास पूछताछ का मौका है। पुलिस उससे घटना से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल कर सकती है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती है।
इस मामले में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़े जाने और POCSO के तहत FIR दर्ज होने के बाद कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है। इन धाराओं के तहत जांच में पुलिस को संबंधित आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत जुटाने होंगे।
वहीं स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थकों का कहना है कि गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई को लेकर उनकी आपत्तियां हैं। थाने के बाहर जुटे लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
अब अदालत की अगली कार्रवाई पर भी सभी की नजर रहेगी। फिलहाल एक दिन की पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस जांच को आगे बढ़ाएगी और उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी।
जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की यह घटना पहले ही काफी चर्चा में आ चुकी है और अब स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में है। पुलिस की कार्रवाई, अदालत का फैसला और समर्थकों का विरोध इस पूरे घटनाक्रम के महत्वपूर्ण हिस्से बन गए हैं।
मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज एक दिन की पुलिस हिरासत में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ के जरिए मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।


