भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। मैच से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी दुविधा शीर्ष क्रम को लेकर है। सवाल है कि प्लेइंग इलेवन में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाए या फिर अनुभवी संजू सैमसन पर भरोसा जताया जाए। दोनों खिलाड़ियों को लेकर चर्चा तेज है और अब अंतिम फैसला कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर को लेना है।
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने अपने प्रदर्शन से काफी सुर्खियां बटोरी हैं। इंग्लैंड दौरे पर उन्हें संजू सैमसन की जगह टी20 टीम में मौका दिया गया था। हालांकि सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने वैभव की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में उतारा था।
संजू सैमसन की बात करें तो टी20 क्रिकेट में उनका अनुभव टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अभिषेक शर्मा के साथ उनकी जोड़ी पहले भी प्रभावी साबित हुई है। हालांकि इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन पारियों में नाकामी के बाद उन्हें टीम से बाहर किए जाने को लेकर सवाल भी उठे थे। अब अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में उनके पास खुद को साबित करने का एक और बड़ा मौका है।
शुक्रवार शाम हुए अभ्यास सत्र में भी दोनों खिलाड़ियों पर खास नजर रही। नेट्स में संजू सैमसन अपेक्षाकृत ज्यादा संतुलित नजर आए, जबकि वैभव सूर्यवंशी को जसप्रीत बुमराह की गेंदों के सामने शुरुआत में थोड़ा समय लगा। बुमराह की गेंदों को पिच से भी मदद मिल रही थी, जिसकी वजह से वैभव को लय हासिल करने में परेशानी हुई।
हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ परिस्थितियां अलग होंगी। अफगानिस्तान के तेज गेंदबाजी आक्रमण में जसप्रीत बुमराह जैसा गेंदबाज नहीं है। ऐसे में वैभव के पास अपनी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाने का अच्छा मौका हो सकता है। टीम मैनेजमेंट यह भी देख सकता है कि युवा बल्लेबाज बड़े मुकाबले के दबाव में कैसा प्रदर्शन करता है।
इस बीच ईशान किशन की चोट ने भारत की चयन दुविधा को और दिलचस्प बना दिया है। शुक्रवार को नेट अभ्यास के दौरान ईशान किशन की कमर में चोट लगी थी। अगर वह पहले टी20 मुकाबले के लिए फिट नहीं होते हैं तो टीम मैनेजमेंट के पास संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी दोनों को प्लेइंग इलेवन में उतारने का विकल्प भी खुल सकता है।
ईशान किशन के लिए भी यह सीरीज महत्वपूर्ण है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 270 और 80 रन की पारियां खेली थीं। ऐसे प्रदर्शन के बाद वह खुद भी मैदान पर उतरना चाहेंगे, लेकिन उनकी फिटनेस पर फैसला मैच से पहले ही साफ होगा।
भारत के सामने सिर्फ बल्लेबाजी में ही चयन की चुनौती नहीं है। स्पिन विभाग में भी टीम मैनेजमेंट को महत्वपूर्ण फैसला लेना होगा। अफगानिस्तान के पास राशिद खान, नूर अहमद और मुजीबुर रहमान जैसे शानदार स्पिन गेंदबाज हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए यह सीरीज एशियाई खेलों की तैयारी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भारत के स्पिन विभाग में अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या टीम तीसरे स्पिनर के रूप में वरुण चक्रवर्ती को मौका देगी या फिर तेज गेंदबाज यश ठाकुर के साथ जाएगी। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के साथ नीतिश कुमार रेड्डी भी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
दूसरी तरफ अफगानिस्तान की टीम भी मजबूत नजर आ रही है। उसके पास राशिद खान और मोहम्मद नबी जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, जबकि फजलहक फारूकी, नवीन-उल-हक और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे खिलाड़ी भारत के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रविवार को जब भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो प्लेइंग इलेवन में संजू सैमसन नजर आएंगे या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बड़ा मौका मिलेगा। अगर ईशान किशन फिट नहीं होते हैं तो दोनों खिलाड़ियों के एक साथ खेलने की संभावना भी बन सकती है। मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा और सभी की नजरें खास तौर पर भारत के इस युवा सनसनी पर रहेंगी।


