रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट इंजन से संचालित ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए देश के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे से जुड़े 10 से अधिक केंद्र क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पांच लाख से ज्यादा लोगों की बिजली और नल के पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। राजधानी कीव में हुए हमले के दौरान 21 वर्षीय एक महिला की मौत भी हो गई। इन हमलों के बाद यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था और पश्चिमी देशों के साथ उसके खुफिया सहयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि रूस के ताजा हमलों से पहले यूक्रेन को उसके सहयोगी देशों की ओर से कोई खुफिया चेतावनी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पहले पश्चिमी देश रूस की संभावित सैन्य गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते रहे हैं, जिससे यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने और अपने रक्षा तंत्र को तैयार रखने में मदद मिलती थी। जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों में 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमलों में ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। इस बीच, अमेरिका और यूक्रेन के बीच खुफिया सहयोग को लेकर भी बयानबाजी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वाशिंगटन ने कीव को खुफिया जानकारी देना बंद नहीं किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी सोमवार को इसी रुख को दोहराया। हालांकि, रुबियो ने कहा कि उन्हें पिछली रात रूस की ओर से किए गए हमले के बारे में जानकारी नहीं थी। दूसरी ओर, जेलेंस्की ने अमेरिकी नीतियों में बदलाव को लेकर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत देने और रूस से डीजल आयात करने के लिए समझौते जैसे कदम मॉस्को को फायदा पहुंचा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टारलिंक की सैन्य इस्तेमाल वाली सेवा पर यूक्रेन के लिए लागू पाबंदियों ने उसके ड्रोन अभियानों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, अमेरिका में निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों की कमी के कारण यूक्रेन के लिए रूसी मिसाइल हमलों का मुकाबला करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने यूक्रेन के भीतर कई ठिकानों पर व्यापक हमला किया। मंत्रालय के मुताबिक, निशाना बनाए गए ठिकानों में एक डेटा सेंटर, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के कलपुर्जे रखने वाला साजोसामान केंद्र, ड्रोन के हिस्से बनाने वाली औद्योगिक इकाई और मिसाइलों से संबंधित सामग्री रखने वाला रेल इंजन डिपो शामिल था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शांति स्थापित करने के प्रयास भी अब तक निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंचे हैं। ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने के उद्देश्य से हुए हालिया संघर्षविराम से भी स्थायी राहत नहीं मिल सकी। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेन ने युद्ध शुरू नहीं किया और वह संघर्ष को सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने के लिए सहयोगियों की ओर से किए जाने वाले प्रयासों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने संघर्षविराम के प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन रूस के हमले जारी रहने के कारण युद्ध समाप्त नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ, यूक्रेन भी रूस के भीतर सैन्य और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन हमले कर रहा है। यूक्रेन ने रविवार को रूस की ओर एक हजार से अधिक ड्रोन दागने का दावा किया, जिसे युद्ध के बड़े हवाई अभियानों में से एक बताया गया। इन हमलों के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और एक डिपो में आग लगने की खबर सामने आई। रूस और यूक्रेन के बीच लगातार जारी हमलों ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। पश्चिमी देशों की सैन्य और खुफिया सहायता यूक्रेन की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण रही है, लेकिन भविष्य में इस समर्थन का स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर कीव में चिंता बनी हुई है। फिलहाल, रूस के ताजा हमलों से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को हुए नुकसान, आम नागरिकों पर पड़े प्रभाव और दोनों पक्षों की आगे की सैन्य रणनीति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
यूक्रेन पर रूसी मिसाइल हमले से 5 लाख लोगों की बिजली-पानी आपूर्ति ठप, जेलेंस्की बोले- सहयोगियों से नहीं मिली खुफिया चेतावनी


