Delhi में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की सरकार द्वारा शुरू की गई ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी की इस योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
सरकार के मुताबिक ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देता है। यह कार्ड एनसीएमसी यानी नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड आधारित ‘टैप-एंड-गो’ तकनीक पर काम करता है, जिससे यात्रा का अनुभव पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल बन गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस उपलब्धि को महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ते भरोसे का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और डिजिटल रूप से सशक्त यात्रा अनुभव देने की पहल है।
मुख्यमंत्री के अनुसार जब सार्वजनिक परिवहन सुरक्षित और सुलभ होता है तो महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर अपने आप बढ़ने लगते हैं। यही वजह है कि सरकार लगातार इस योजना को और ज्यादा प्रभावी बनाने में जुटी हुई है।
सरकार ने कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राजधानी के अलग-अलग इलाकों में विशेष शिविर भी लगाए हैं। आवासीय कॉलोनियों, सरकारी कार्यालयों और कई सार्वजनिक स्थानों पर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं ताकि महिलाएं आसानी से अपना पिंक कार्ड बनवा सकें।
इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य महिलाओं को बिना किसी परेशानी के सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि जब महिलाएं सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा करेंगी तो उनकी सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी तेजी से बढ़ेगी।
दिल्ली सरकार अब राजधानी की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह महिला-अनुकूल, स्मार्ट और विश्वस्तरीय बनाने पर फोकस कर रही है। डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीक के जरिए बस सेवाओं को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल बनाने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ जैसी योजनाएं न केवल महिलाओं की यात्रा को आसान बनाती हैं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनाती हैं। यही कारण है कि दिल्ली में इस योजना को तेजी से लोकप्रियता मिल रही है।
दिल्ली सरकार की यह पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इस तरह की डिजिटल और महिला-केंद्रित योजनाएं सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकती हैं।


