रणजी ट्रॉफी में केरल ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने ओडिशा की टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। अनुभवी ऑलराउंडर जलज सक्सेना की घातक गेंदबाजी के सामने ओडिशा के बल्लेबाज टिक नहीं सके और दूसरी पारी में पूरी टीम महज 143 रन पर सिमट गई। नतीजा यह रहा कि केरल ने ओडिशा को पारी और 36 रन से करारी शिकस्त दे दी। इस जीत के साथ केरल ने एलीट ग्रुप सी की अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। अब सवाल है कि जलज सक्सेना की गेंदबाजी ने मैच का रुख कैसे बदला और अंक तालिका में कौन-सी टीमें आगे चल रही हैं?
तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मुकाबले में केरल ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। केरल ने पहली पारी में 404 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में ओडिशा की पहली पारी 225 रन पर समाप्त हो गई। इस तरह ओडिशा को पहली पारी में 179 रन की बढ़त गंवानी पड़ी। केरल की इस बढ़त ने मुकाबले में उसकी स्थिति मजबूत कर दी और ओडिशा पर फॉलोऑन खेलने का दबाव आ गया।
फॉलोऑन खेलने उतरी ओडिशा की टीम दूसरी पारी में भी संघर्ष करती नजर आई। बुधवार को खेल शुरू होने के समय ओडिशा ने चार विकेट पर 102 रन बनाए थे। टीम को उम्मीद थी कि बाकी बल्लेबाज पारी को संभालकर मुकाबले में वापसी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ओडिशा ने अपने बाकी छह विकेट महज 41 रन जोड़कर गंवा दिए। पूरी टीम 58.3 ओवर में 143 रन पर ऑलआउट हो गई और केरल ने चौथे तथा अंतिम दिन दूसरे सत्र में ही जीत दर्ज कर ली।
केरल की इस शानदार जीत के सबसे बड़े नायक अनुभवी ऑलराउंडर जलज सक्सेना रहे। उन्होंने दूसरी पारी में 34 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने ओडिशा के बल्लेबाज ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। सक्सेना ने अहम मौकों पर विकेट निकालकर ओडिशा की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने अनुभव और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले सक्सेना ने एक बार फिर साबित किया कि लंबे प्रारूप में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
ओडिशा की ओर से सलामी बल्लेबाज गौरव चौधरी ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए। उन्होंने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें लगातार सहयोग नहीं मिला। कप्तान सुभ्रांशु सेनापति ने भी 30 रन का योगदान दिया। इसके बावजूद बाकी बल्लेबाज केरल के गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके और टीम को बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
इस जीत का असर एलीट ग्रुप सी की अंक तालिका पर भी पड़ा है। केरल अब आठ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। बंगाल लगातार दूसरी जीत दर्ज करके 12 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वहीं, गुजरात आठ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गया है। महाराष्ट्र ने झारखंड के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए और अंक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। इस तरह ग्रुप में शीर्ष स्थान के लिए मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
इसी बीच दिल्ली और गुजरात के बीच खेला गया मुकाबला ड्रॉ रहा। दिल्ली ने पहली पारी में छह विकेट पर 648 रन बनाकर पारी घोषित की थी। इस विशाल स्कोर में आयुष बडोनी के 217 रन और प्रियांश आर्य के 199 रन का अहम योगदान रहा। इसके जवाब में गुजरात की पहली पारी 479 रन पर समाप्त हुई। दिल्ली के गेंदबाज ऋतिक शौकीन ने 143 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। प्रियांश आर्य को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र और झारखंड के मुकाबले में भी पहली पारी की बढ़त निर्णायक साबित हुई। झारखंड की पहली पारी 169 रन पर सिमट गई थी, जबकि महाराष्ट्र ने पांच विकेट पर 527 रन बनाकर पारी घोषित की। इसके बाद झारखंड ने दूसरी पारी में शिखर मोहन के 127 रन, उत्कर्ष सिंह के 58 रन और आदित्य सिंह के 51 रन की मदद से आठ विकेट पर 344 रन बनाए। इसके बाद मुकाबला ड्रॉ घोषित कर दिया गया और पहली पारी की बढ़त के कारण महाराष्ट्र को तीन अंक मिले।
कुल मिलाकर, रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप सी में केरल की जीत ने अंक तालिका की तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया है। जलज सक्सेना के पांच विकेट और केरल की पहली पारी के 404 रन इस मुकाबले के निर्णायक पहलू रहे। अब केरल की नजर अगले मुकाबलों में भी इसी प्रदर्शन को जारी रखते हुए शीर्ष स्थान की ओर बढ़ने पर होगी। वहीं, बंगाल अपनी लगातार जीत के सिलसिले को बरकरार रखकर पहले स्थान पर मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहेगा।


