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एशियाई पैरा खेलों में भारत का कमाल! कृष्णा नागर-सिवाराजन ने जीता रजत, बैडमिंटन में 3 पदक पक्के

एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। बैडमिंटन कोर्ट पर भारत को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहां कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ की जोड़ी ने पुरुष युगल एसएच6 स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। वहीं पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने तीन पदक पक्के कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि भारतीय खिलाड़ियों ने किन मुकाबलों में जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक की दौड़ में भारत के सामने कौन-सी चुनौती है?

नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ ने पुरुष युगल एसएच6 वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। भारतीय जोड़ी ने तीन मुकाबलों में एक जीत और दो हार दर्ज की। इस स्पर्धा में केवल चार जोड़ियों ने हिस्सा लिया था और पदकों का फैसला ग्रुप में टीमों की स्थिति के आधार पर किया गया। भारतीय जोड़ी के प्रदर्शन ने देश को रजत पदक दिलाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरा बैडमिंटन में भारत की मौजूदगी को मजबूत किया।

इस स्पर्धा में चीन के लिन नेइली और किंगताओ जेंग ने अपना दबदबा कायम रखा। चीनी जोड़ी ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं इंडोनेशिया के अजी दिमास त्रि और सुभांतुक की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एसएच6 श्रेणी पैरा बैडमिंटन में कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारतीय जोड़ी ने रजत पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की।

भारत के लिए दूसरी बड़ी खबर पुरुष एकल एसएल4 वर्ग से आई, जहां तीन भारतीय खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने से देश के तीन पदक पक्के हो गए। मौजूदा चैंपियन और विश्व के नंबर एक खिलाड़ी सुहास एलवाई ने क्वार्टरफाइनल में दक्षिण कोरिया के चो नादान को सीधे गेमों में हराया। सुहास ने यह मुकाबला 21-12 और 21-16 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। उनके अनुभव और शानदार खेल ने एक बार फिर उन्हें खिताब का मजबूत दावेदार बना दिया है।

सेमीफाइनल में सुहास एलवाई का सामना इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से होगा। सेतियावान ने क्वार्टरफाइनल में भारत के सुकांत कदम को कड़े मुकाबले में हराया था। उन्होंने पहला गेम 21-17 से जीता, लेकिन सुकांत ने दूसरे गेम में 21-18 से वापसी की। निर्णायक गेम में इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने 21-15 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। इस नतीजे के साथ सुकांत कदम का सफर समाप्त हो गया, जबकि सेतियावान की चुनौती अब सुहास के सामने होगी।

एसएल4 वर्ग के दूसरे सेमीफाइनल में भी भारतीय खिलाड़ियों का मुकाबला देखने को मिलेगा। नवीन शिवकुमार और अभिजीत सखूजा आमने-सामने होंगे। नवीन ने क्वार्टरफाइनल में दक्षिण कोरिया के शिन क्युंग ह्वान को 21-14 और 21-4 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं अभिजीत सखूजा ने अपने ही देश के सूर्यकांत यादव को 21-16 और 21-12 से मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने से इस वर्ग में भारत के लिए पदक जीतने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

एसएल4 श्रेणी में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनके निचले अंगों में दिव्यांगता होती है। इस वर्ग के खिलाड़ियों का दौड़ने और कोर्ट पर संतुलन बनाए रखने का स्तर एसएल3 श्रेणी के खिलाड़ियों से बेहतर होता है। पैरा बैडमिंटन में खिलाड़ियों को उनकी दिव्यांगता और शारीरिक क्षमताओं के आधार पर अलग-अलग वर्गों में रखा जाता है, जिससे मुकाबले निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धात्मक बने रहें।

कुल मिलाकर, एशियाई पैरा खेलों में भारत के लिए बैडमिंटन स्पर्धा शानदार साबित हुई है। कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ ने युगल में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया, जबकि एसएल4 एकल वर्ग में सुहास एलवाई, नवीन शिवकुमार और अभिजीत सखूजा के सेमीफाइनल में पहुंचने से तीन पदक सुनिश्चित हो गए। अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें इन खिलाड़ियों के अगले मुकाबलों पर होंगी। देखना होगा कि भारत के खिलाड़ी सेमीफाइनल में कैसा प्रदर्शन करते हैं और पदकों का रंग कितना चमकदार बनाते हैं।

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