भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 रन से बड़ी जीत दर्ज की। वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शानदार शतकों ने भारतीय पारी को मजबूती दी, जबकि गेंदबाजी में वैष्णवी शर्मा ने अपनी फिरकी से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने छह विकेट के नुकसान पर 328 रन बनाए। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कप्तान स्मृति मंधाना बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। शेफाली वर्मा भी केवल आठ रन बनाकर आउट हो गईं। शुरुआती झटकों के बाद प्रतिका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 124 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
प्रतिका रावल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की। हालांकि, 23वें ओवर में वह कैच आउट हो गईं। इसके बाद तेजल हसबनीस भी केवल तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। ऐसे समय में हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाली और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
हरमनप्रीत ने 121 गेंदों पर 126 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 15 चौके शामिल रहे। यह उनके एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर का आठवां शतक था। उनकी बल्लेबाजी में बेहतरीन कवर ड्राइव और कट शॉट देखने को मिले। उन्होंने दीप्ति शर्मा के साथ पांचवें विकेट के लिए 153 रन की शानदार साझेदारी की, जिसने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरी ओर, दीप्ति शर्मा ने भी अपने बल्ले से कमाल कर दिया। उन्होंने 86 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए और 15 चौके लगाए। दीप्ति ने पारी के अंतिम ओवर में चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। दोनों खिलाड़ियों के शतकों की बदौलत भारतीय टीम 328 रन बनाने में सफल रही और जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने संभलकर शुरुआत की, लेकिन नौवें ओवर में लॉरिन फिरी छह रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद मोडेस्टर मुपाचिकवा और चिपो मुगेरी तिरिपानो ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ कुछ अच्छे शॉट लगाए और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।
मुपाचिकवा ने 49 रन बनाए, जबकि तिरिपानो ने 46 रन की पारी खेली। दोनों के बीच हुई साझेदारी से जिम्बाब्वे को उम्मीद जरूर मिली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने समय रहते वापसी कर ली। सयाली सतघरे ने तिरिपानो को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद युवा स्पिन गेंदबाज वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर करारा प्रहार किया।
अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहीं वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर चार विकेट हासिल किए। उन्होंने मुपाचिकवा और बिलव्ड बिजा सहित महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उनकी शानदार गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की टीम लगातार विकेट गंवाती रही। वैष्णवी ने मिशेल मावुंगा और जोसेफिन एनकोमो को भी आउट करके अपना प्रदर्शन और प्रभावशाली बना दिया।
दीप्ति शर्मा ने भी गेंदबाजी में योगदान दिया और 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उन्होंने नयाशा ग्वानजुरा, नोमवेलो सिबांडा और तेंडाई माकुशा को आउट किया। जिम्बाब्वे की टीम 48.5 ओवर में 207 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 121 रन से अपने नाम कर लिया।
इस जीत में भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का शानदार तालमेल देखने को मिला। हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शतकों ने जहां भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया, वहीं वैष्णवी शर्मा की चार विकेट की उपलब्धि ने जीत को आसान बना दिया। अब भारतीय टीम की नजर तीसरे और अंतिम मुकाबले में भी जीत दर्ज करके श्रृंखला का समापन शानदार अंदाज में करने पर होगी।


