रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है, जहां दोनों देश एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए लगातार ड्रोन हमलों का सहारा ले रहे हैं। कभी रूस के शहरों में धमाकों की गूंज सुनाई देती है, तो कभी यूक्रेन के रिहायशी और परिवहन क्षेत्रों में तबाही का मंजर दिखाई देता है। ताजा घटनाक्रम में यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को निशाना बनाया है। ब्रियांस्क क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में लोगों की जान गई है, जबकि समारा क्षेत्र की एक तेल रिफाइनरी में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। वहीं दूसरी तरफ रूस के जवाबी हमले में यूक्रेन के निप्रो शहर में रेलवे स्टेशन पर खड़ी यात्री ट्रेनें निशाने पर आ गईं, जहां कई लोगों की मौत हो गई।
सबसे पहले बात रूस के ब्रियांस्क क्षेत्र की करते हैं, जहां यूक्रेनी ड्रोन हमले ने भारी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने तत्काल हमले के सभी संभावित ठिकानों और नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की। इस घटना के बाद रूस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यूक्रेन की ओर से रूस के औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में रूस के समारा क्षेत्र स्थित नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। शुक्रवार देर रात हुए इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लग गई। सोशल मीडिया पर सामने आए दृश्यों में आसमान में उठता काला धुआं दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि इस हमले में रिफाइनरी के महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। यूक्रेनी पक्ष से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में एफपी-1 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और रिफाइनरी की कुछ महत्वपूर्ण इकाइयों को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों ने समारा क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर हमलों और आग बुझाने के दौरान हुई मौतों की पुष्टि की है। हालांकि, नुकसान का पूरा आकलन सामने नहीं आया है।
लेकिन इस युद्ध की दूसरी तस्वीर यूक्रेन के निप्रो शहर से सामने आई है, जहां रूसी ड्रोन हमले ने आम नागरिकों की जिंदगी को प्रभावित किया। 29 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी यात्री ट्रेन को रूसी ड्रोन ने निशाना बनाया। उस समय स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और यात्री अपनी यात्रा के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। हमले के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यूक्रेनी अधिकारियों के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी और 10 लोग घायल हुए थे। बाद में सामने आए अपडेट में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 तक पहुंचने की जानकारी दी गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और बचाव दल ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। वहीं रूस की ओर से लगातार यूक्रेनी ठिकानों पर हमले जारी हैं। दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमलों का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रूस और यूक्रेन के बीच जारी इस युद्ध का अंत कब होगा? ऊर्जा प्रतिष्ठानों, औद्योगिक केंद्रों और रेलवे नेटवर्क पर हमलों का असर केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला जारी है और शांति की दिशा में किसी ठोस समाधान के संकेत स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं।


