मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दुनिया को अपनी सैन्य ताकत की एक नई झलक दिखाई है। ईरानी मीडिया में जारी एक वीडियो ने अमेरिका और उसके सहयोगियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने अपने पुराने लेकिन बेहद शक्तिशाली F-14 टॉमकैट लड़ाकू विमान को फिर से सक्रिय कर दिया है।
कभी अमेरिकी नौसेना की शान रहे F-14 टॉमकैट को दुनिया के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में गिना जाता था। शीत युद्ध के दौर में इसे दुश्मन की मिसाइलों और लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी से निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया था। खास बात यह है कि आज दुनिया में केवल ईरान ही ऐसा देश है जिसके पास F-14 टॉमकैट अब भी सेवा में मौजूद हैं।
बताया जाता है कि 1970 के दशक में ईरान के शाह शासन ने अमेरिका से दर्जनों F-14 टॉमकैट खरीदे थे। लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के रिश्ते बिगड़ गए और वॉशिंगटन ने इन विमानों के स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति बंद कर दी।
अमेरिका को उम्मीद थी कि समय के साथ ये विमान बेकार हो जाएंगे, लेकिन ईरान ने अपनी इंजीनियरिंग क्षमता के दम पर इन्हें वर्षों तक ऑपरेशनल बनाए रखा। अब जारी वीडियो में एक F-14 टॉमकैट को मिशन पूरा करने के बाद रनवे पर उतरते हुए दिखाया गया है, जिसने सैन्य विशेषज्ञों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।
हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि F-14 टॉमकैट एक पुराना प्लेटफॉर्म है और आधुनिक F-22 तथा F-35 जैसे स्टील्थ फाइटर जेट्स से इसकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती। लेकिन इसके बावजूद यह विमान लंबी दूरी की इंटरसेप्शन क्षमता और एयर डिफेंस मिशनों में आज भी उपयोगी माना जाता है।
ईरान का दावा है कि उसने दशकों तक इन विमानों को आधुनिक तकनीकों के साथ अपग्रेड किया है और उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार विकसित किया है। यही वजह है कि F-14 टॉमकैट आज भी ईरानी वायुसेना की ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान द्वारा इस विमान का प्रदर्शन केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपने विरोधियों को एक रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ता है।


