फीफा विश्व कप में फ्रांस ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए सेनेगल को 3-1 से हराया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो स्टार फुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर न केवल टीम को जीत दिलाई बल्कि फ्रांस के इतिहास में नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस को पहले हाफ में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। सेनेगल ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और कई मौके भी बनाए। सेनेगल के खिलाड़ी निकोलस जैक्सन का एक शक्तिशाली शॉट गोलपोस्ट से टकराकर बाहर चला गया, जिससे फ्रांस को बड़ी राहत मिली।
पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला बराबरी पर रहा। लेकिन दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति बदलते हुए खेल की रफ्तार तेज कर दी। मैच के 60वें मिनट के बाद माइकल ओलिसे ने शानदार पास दिया, जिसे किलियन एम्बाप्पे ने बेहतरीन तरीके से गोल में बदलकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इस गोल के बाद फ्रांस का आत्मविश्वास बढ़ गया और टीम ने लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। मैच के 79वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी ब्रैडली बारकोला ने दूसरा गोल दागकर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। उन्होंने सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी के ऊपर से शानदार फिनिश करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
हालांकि सेनेगल ने हार नहीं मानी और इब्राहिम म्बाये ने एक गोल करके अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन फ्रांस की बढ़त को चुनौती नहीं दे सके। अतिरिक्त समय में किलियन एम्बाप्पे ने एक और शानदार गोल कर मुकाबले को पूरी तरह अपने नाम कर लिया। उन्होंने लगभग 30 गज की दूरी से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचा दिया, जिसे टूर्नामेंट के बेहतरीन गोलों में शामिल किया जा रहा है।
इस दोहरे गोल के साथ एम्बाप्पे ने फ्रांस के लिए अपने कुल गोलों की संख्या 58 तक पहुंचा दी है। इसके साथ ही उन्होंने ओलिवियर गिरू को पीछे छोड़ते हुए फ्रांस के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
विश्व कप इतिहास में भी एम्बाप्पे लगातार नए कीर्तिमान बना रहे हैं। उनके अब 14 विश्व कप गोल हो चुके हैं और वह जर्मनी के महान खिलाड़ी गर्ड मुलर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। अब उनके सामने केवल कुछ चुनिंदा दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड बचे हैं।
मैच के बाद एम्बाप्पे ने कहा कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन उनका मुख्य लक्ष्य फ्रांस को एक बार फिर विश्व कप चैंपियन बनाना है। वहीं कोच डिडिएर डेशां ने टीम के दूसरे हाफ के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की।
इस जीत के साथ फ्रांस ने टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत कर दी है और एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।


