फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। बोस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से अंत तक खेल पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और जीत दर्ज कर खिताब की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाया।
मैच की शुरुआत से फ्रांस का दबदबा
मैच के शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। किलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलिस की फॉरवर्ड लाइन ने मोरक्को के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर, मोरक्को के प्रमुख खिलाड़ी इस्माइल सैबारी चोट के कारण मुकाबले से बाहर रहे, जिसका असर टीम के आक्रमण पर साफ दिखाई दिया।
ब्राहिम डियाज़ ने अकेले मोर्चा संभालने की कोशिश की, लेकिन फ्रांस की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। फ्रांस के गोलकीपर माइक मैगनन को पूरे मैच में केवल एक महत्वपूर्ण सेव करना पड़ा।
पेनल्टी मिस, फिर भी चमके एम्बाप्पे
मैच के 28वें मिनट में फ्रांस को पेनल्टी मिली। किलियन एम्बाप्पे के पास टीम को बढ़त दिलाने का शानदार मौका था, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो ने बेहतरीन बचाव करते हुए उनका शॉट रोक दिया।
यह यूरो 2020 के बाद राष्ट्रीय टीम के लिए एम्बाप्पे की पहली पेनल्टी मिस रही। हालांकि, इस चूक का असर उनके आत्मविश्वास पर नहीं पड़ा और उन्होंने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की।
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में लुकास डिग्ने का लंबी दूरी से लगाया गया शक्तिशाली शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। पहले 45 मिनट तक मोरक्को की टीम फ्रांस के गोल पर कोई प्रभावी हमला नहीं कर सकी।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने किया मैच अपने नाम
दूसरे हाफ में फ्रांस ने खेल की गति और तेज कर दी। 60वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने शानदार मूव बनाते हुए गोल दागा और फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या 8 तक पहुंचा दी और गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली।
इसके कुछ ही मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने दूसरा गोल कर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। एम्बाप्पे की तेज दौड़ से बने स्पेस का फायदा उठाते हुए डेम्बेले ने बेहतरीन फिनिश किया और मैच लगभग फ्रांस की झोली में डाल दिया।
लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में फ्रांस
इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया है। टीम का संतुलित प्रदर्शन, मजबूत डिफेंस और खतरनाक आक्रमण उसे खिताब का प्रबल दावेदार बना रहे हैं।
अब फ्रांस का सामना सेमीफाइनल में स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए फ्रांस की टीम को रोकना किसी भी प्रतिद्वंद्वी के लिए आसान नहीं होगा।
निष्कर्ष
फ्रांस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह विश्व फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। एम्बाप्पे और डेम्बेले की शानदार फॉर्म, मजबूत डिफेंस और बेहतरीन टीमवर्क के दम पर फ्रांस ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब सभी की नजर अगले मुकाबले पर होगी, जहां फ्रांस फाइनल का टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।


