महाराष्ट्र सरकार ने कृषि कर्जमाफी योजना की पात्रता शर्तों में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को राहत देने का फैसला किया है। इस फैसले का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष Sharad Pawar ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से लाखों किसान योजना के लाभ से वंचित होने से बच जाएंगे।
शरद पवार ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और कृषि उपज के घटते दामों को देखते हुए कर्जमाफी योजना लागू की थी। हालांकि, शुरुआत में रखी गई कुछ शर्तों के कारण बड़ी संख्या में किसान इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
उन्होंने बताया कि पहले वर्ष 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के लाभार्थियों के लिए राहत राशि की सीमा 50 हजार रुपये तय की गई थी। अब सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक करने का फैसला लिया है, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा सरकार ने नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए भी बड़ी राहत दी है। पहले उन्हें प्रोत्साहन राशि पाने के लिए वर्ष 2025-26 और 2026-27 के फसल ऋण का भुगतान करना अनिवार्य था। अब इस शर्त में भी ढील दे दी गई है।
शरद पवार ने कहा कि इन दोनों शर्तों के कारण बड़ी संख्या में किसान योजना से बाहर हो रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के नेतृत्व वाली सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला किसानों के हित में है और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप है।
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि पात्रता शर्तों में ढील मिलने से अधिक किसानों तक कर्जमाफी योजना का लाभ पहुंच सकेगा।


