ब्लैक सी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हाल के हमलों के बाद भारत ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन घटनाओं में भारतीय नागरिकों की मौत और कई अन्य के प्रभावित होने की खबरों के बाद भारत सरकार ने यूक्रेन के राजदूत को तलब कर अपनी चिंता दर्ज कराई। हालांकि, इन हमलों की जिम्मेदारी और परिस्थितियों की आधिकारिक जांच अभी भी जारी है।
बताया जा रहा है कि 18 जुलाई को मार्शल आइलैंड के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी ओमोफ्री (MV Omofri) पर ब्लैक सी में हमला हुआ। कुछ नाविक संगठनों ने इस हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना में भारतीय चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से उठाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद 19 जुलाई को ओसा (Odesa) बंदरगाह के पास गोल्डन लियो (Golden Leo) नामक जहाज पर भी हमला हुआ। वहीं 25 जुलाई को इसी जहाज पर एक और हमले की सूचना सामने आई। इन घटनाओं में भारतीय नाविकों के हताहत होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन सभी घटनाओं से संबंधित आधिकारिक और स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
इन घटनाओं के बाद भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी संघर्ष में निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने यूक्रेन के राजदूत के समक्ष भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करने की अपेक्षा जताई। विदेश मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री नाविक आपूर्ति करने वाले देशों में से एक है। हजारों भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं। ऐसे में युद्ध प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय शिपिंग कंपनियों और नाविकों के लिए भी सतर्कता संबंधी सलाह जारी की गई है। उनसे कहा गया है कि संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।
फिलहाल ब्लैक सी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। भारत सरकार ने दोहराया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री व्यापार सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, इन हमलों की जिम्मेदारी और परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।


