महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब ‘कोहिनूर’ नाम की चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। इमारत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
एनडीआरएफ के अनुसार, शुक्रवार शाम तक मलबे में दबे सभी 10 लोगों के शव बाहर निकाल लिए गए। शवों को पोस्टमॉर्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भिवंडी के इंदिरा गांधी मेमोरियल (IGM) अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
राहत और बचाव अभियान के दौरान पोकलेन मशीनों, क्रेनों और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया। बचाव दल ने बेहद सावधानी के साथ अभियान चलाया ताकि यदि कोई व्यक्ति जीवित फंसा हो तो उसे सुरक्षित निकाला जा सके। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी तैनात रहीं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत में मरम्मत का कार्य चल रहा था। स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि मरम्मत के दौरान एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे इमारत की संरचना कमजोर पड़ गई और वह अचानक ढह गई। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना की विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना की सही वजह सामने आएगी।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने आसपास की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है, ताकि किसी अन्य भवन में संरचनात्मक कमजोरी होने पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी इमारत में दरारें या अन्य खतरे के संकेत दिखाई दें तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।
भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर भवनों का संरचनात्मक ऑडिट और आवश्यक मरम्मत कराना ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन भी अब इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की बात कह रहा है।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान पूरा हो चुका है और जांच एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


