लखनऊ- लखनऊ में सरकारी बचपन डे केयर सेंटर में 8 साल के बच्चे की गेट से दबकर मौत हो गई। वह अपने भाई-बहनों के साथ खेल रहा था। तभी करीब 4 क्विंटल से ज्यादा वजन का जर्जर गेट उसके ऊपर गिर गया। ये देख दूसरे बच्चे रोने-चिल्लाने लगे। बच्चे को बचाने दौड़े लोग जब तक में गेट हटा पाते तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं। बच्चे की पहचान बहराइच के बंजारी मोड़ धन्नीपुर के विक्रम कश्यप के बेटे शिवा के रूप में हुई। मां उसके शव को चादर पर रखकर रोने लगीं। बोलीं- छुट्टी पर नानी के यहां आया था। अब कभी नहीं लौटेगा। बच्चे के मामा का आरोप है कि डे केयर का गेट काफी जर्जर था, जिससे हादसा हुआ। घटना महानगर थाना क्षेत्र स्थित निशातगंज की है।
गेट भारी होने से कोई उसे हटा नहीं पाया वहां मौजूद लोगों ने गेट हटाने का प्रयास किया लेकिन वजन ज्यादा होने की वजह से गेट उठाया नहीं जा सका। ऐसे में बच्चा काफी देर तक गेट के नीचे दबा रहा। इससे उसकी मौत हो गई। बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रोना-बिलखना शुरू हो गया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल पर मासूम के ननिहाल के लोग भी पहुंचे। मामा राहुल ने बताया- 4 दिन पहले ही दीदी ललिता बच्चों के लेकर यहां आई थीं। जीजा चेन्नई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उन्हें घटना की जानकारी दी गई है। वह भी लखनऊ के लिए निकल चुके हैं।
बच्चे के मामा राहुल कश्यप ने बताया- शिवा सुबह नाश्ता करने के बाद बचपन डे केयर में खेलने आ गया था। तभी अचानक गेट उसके ऊपर गिर गया। वहां मौजूद डे केयर के लोगों से बात करने की कोशिश की गई तो उन लोगों ने जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया।
उन लोगों का कहना था कि घटना के लिए विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। करीब 10-15 साल पहले यह गेट लगाया गया था। काफी जर्जर हो गया है, कभी कोई मेंटेनेंस भी नहीं कराया गया। इसके पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
SDM बोले- घटना की जांच कराएंगे
एसडीएम सदर मनोज सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बच्चे यहां पर खेल रहे थे। इसी दौरान गेट गिर गया। इसकी जांच कराई जाएगी। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों से बात हुई है। उनको सरकार के जरिए आर्थिक मुआवजा भी दिलाया जाएगी। गेट के जर्जर होने के जो आरोप हैं, वह जांच का विषय है।
विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए चलते हैं सेंटर यूपी में बचपन डे केयर सेंटर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल, शिक्षा और शुरुआती प्रशिक्षण के लिए चलाए जाते हैं। इनका उद्देश्य कम उम्र से ही बच्चों को विशेष शिक्षा, थेरेपी और बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास हो सके। इन केंद्रों में 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, खेलकूद और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही जगह पर मिलती हैं। यहां विशेष शिक्षक और विशेषज्ञ बच्चों के विकास में मदद करते हैं। साथ ही, ये केंद्र दिव्यांग बच्चों के परिवारों को भी सहारा देते हैं।


